May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 अक्टूबर 2025। कालूबास के नेहरू पार्क में आयोजित भागवत कथा में महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंदजी महाराज ने रविवार को कथा प्रसंगो के साथ विभिन्न जीवनोपयोगी सूत्र भी श्रद्धालुओं को दिए। महाराज ने कहा कि जगत को बहुत गंभीरता लेना ही दु:ख का कारण है। भक्त जगत को हल्के में लेवें और जगदीश को गंभीरता से लेवे तो जगत की आधी दुविधाएं समाप्त हो जाएगी। उन्होंने शुद्ध आहार के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि धर्म का प्रारंभ रसोई से होता है। उन्होंने निंदा चुगली से बचने की बात कहते हुए किसी और के अंदर का कचरा अपने अंदर नहीं लेने की प्रेरणा दी। स्वामीजी ने गुरू कृपा की कथाएं सुनाते हुए गुरू के प्रति श्रद्धा रखने की प्रेरणा दी। अहिंसा व सहयोग को श्रेष्ठ गुण बताते हुए इन्हें पूजा के समान बताया। उन्होंने कहा कि एकाग्रता पूर्वक कथा का श्रवण करना भी तीर्थ के समान है। परामात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण से जीवन जीने वालों का जीवन सार्थक है। महाराज ने कहा कि आज का विज्ञान केवल बाहर से खुशहाल करता है परंतु हमारे धर्मशास्त्रों का विज्ञान अंदर और बाहर से दोनों से मजबूत करता है। उन्होंने सांसारिक जीवन के कार्य अनवरत करते रहने परंतु आश्रय परामात्मा का लेकर रखने की बात कही। स्वामी जी ने गौमाता की सेवा की प्रेरणा देते हुए राजा परीक्षित, भक्त ध्रुव की कथाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति केवल बच्चों के पालन पोषण की बात नहीं कहकर बच्चों में संस्कार देने की बात कहती है। बच्चों को सुविधाएं देना नहीं, अच्छे संस्कार देना ही जीवन की सफलता है। महाराज ने सभी श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होने पर आरती पूर्ण के बाद ही प्रस्थान करने का आग्रह किया। विदित रहें नेहरू पार्क में प्रतिदिन दोपहर 1.30 बजे से 5.30 बजे तक भागवत कथा का संगीतमय वाचन स्वामी भास्करानंदजी महाराज द्वारा किया जा रहा है। शारदा सीताराम मोहता परिवार द्वारा आयोजित भव्य भागवत अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए व भव्य आयोजन को सराहा। परिवार के सदस्यों ने कथा में विभिन्न व्यवस्थाओं को संभाला है।