






जीव दया गौशाला में गौकथा महोत्सव का आयोजन, सुख व शांति के लिए गौसेवा से जुड़ने का किया आह्वान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गोपाष्टमी के पर्व पर गुरूवार को कालूबास स्थित जीव दया गौशाला समिति के प्रांगण में गौकथा महोत्सव का आयोजन किया गया। पंडित विष्णुदत्त शास्त्री द्वारा कथा का वाचन किया गया। शास्त्री ने गाय के महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि गाय की रक्षा करने वाले लोक देवता बन गए है। आज भी गौसेवा व गौरक्षा करने वालों का समाज में सम्मान किया जाता है। उन्होंने गौदान का महत्व बताते हुए कहा कि सभी देवता गाय की देह में है और सभी इच्छाएं गौसेवा से पूर्ण होती है। धन से सुविधाएं मिल सकती है परंतु सुख व शांति गाय की सेवा से प्राप्त होती है। शास्त्री ने आधुनिक समय में बहू बेटियों को गौसेवा से दूर नही होकर गौसेवा से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति को समझे और गौसेवा को अपनाकर अपने बच्चों को संस्कार देते हुए शुद्ध दूध पिलाएं। महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंदजी महाराज ने भी गौशाला पहुंच कर गौपूजन किया। महाराज ने सृष्टि का सबसे अनमोल रत्न गाय को बताया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा में शामिल हुए और श्रीकृष्ण और गौपूजन संपन्न किया गया। श्रीकृष्ण मंदिर को फुलों से सजाया गया। अनेक श्रद्धालुओं ने गौसेवा में सहयोग राशि का समर्पण किया।

श्रीपरमार्थ बाल गौशाला समिति में विधि विधान से किया पूजन संपन्न।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सरदारशहर रोड पर स्थित श्रीपरमार्थ बाल गौशाला समिति में गुरूवार को गोपाष्टमी का पर्व श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया। गौशाला समिति अध्यक्ष ताराचंद इंदौरिया, मुख्य यजमान राजकिशन सोमाणी, मंत्री सीताराम जोशी, कोषाध्यक्ष श्यामसुंदर जोशी ने विधि विधान से श्रीकृष्ण व गौपूजन संपन्न करवाया। गौसेवा पर चर्चा का आयोजन हुआ जिसमें अध्यक्ष ताराचंद इंदौरिया ने हर घर को गौसेवा जोड़ने के प्रयास किए जाने की बात कही। कार्यक्रम में ओमप्रकाश कलानी, आसाराम दर्जी, नारायण कलानी, बजरंग सारस्वत, मूलचंद प्रजापत, पार्षद जगदीश गुर्जर, कैलाश बाहेती, धनराज स्वामी सहित आड़सर बास के अनेक श्रद्धालु शामिल हुए व गौपूजन किया।

कोटासर गौशाला में संत सान्निध्य में संपन्न हुआ गोपाष्टमी महोत्सव, शामिल हुए श्रद्धालु।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव कोटासर की श्री करणी गौशाला में गोपाष्टमी महोत्सव गुरूवार शाम को संत सान्निध्य में दिनभर विभिन्न अनुष्ठानों के आयोजन संपन्न हुए। गौशाला प्रांगण में गुरूवार सुबह पंडित विजय जाजड़ा दुलचासर ने वैदिक मंत्रोचार के साथ श्रीकृष्ण व गौपूजन संपन्न करवाया। यहां आए संतो का पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया। संत रामेश्वरानंदजी महाराज भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोपाष्टमी के दिन गौ चारण प्रारंभ करने की बात कहते हुए सभी श्रद्धालुओं से गौसेवा का संकल्प लेने का आग्रह किया। महंत सत्यानंदगिरी जी महाराज ने गाय को धर्म की धुरी बताते हुए सभी सनातनी घरों में गौसेवा अनिवार्य रूप से किए जाने की प्रेरणा दी। आशीषजी महाराज ने गौ के महत्व का वर्णन करते हुए भगवत कृपा पाने के लिए गौसेवा करने की बात कही। यहां सत्संग में अनेक ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। बीकानेर के पर्यावरण प्रेमी रमेश कुमार बोहरा ने गोपाल सहस्त्रनाम के पाठ का आयोजन किया। जिसमें पंडित पंकज पुरोहित सहित 11 पंडितों ने पाठ संपन्न किया। गुरूवार शाम संत धरानंद सरस्वती जी महाराज का सत्संग संपन्न हुआ। उसके पश्चात दीपदान का आयोजन किया गया। श्रद्धालु केशरी चंद भेरुदान मूंधड़ा दुलचासर, की दिल्ली प्रवासी गोपाल महिया दुलचासर, प्रकाश पांडे कल्पना पांडे मुंबई सहित अनेक दानदाताओं ने सहयोग राशि समर्पण की घोषणाएं की। गौशाला समिति के सदस्यों ने सभी अतिथियों व दानदाताओं का आभार जताते हुए सम्मान किया। अनेक स्वयंसेवी युवाओं ने दिनभर आयोजित हुए अनुष्ठानों में अपनी सेवाएं दी।

विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने मनाया गोपाष्टमी पर्व।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गुरूवार को विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने गोपाष्टमी का पर्व निराश्रित गौवंश की सेवा कर मनाया। कार्यकर्ताओं ने अलग अलग स्थानों पर जाकर गौवंश को खल चूरी का मिश्रण खिलाया। संगठन के अनेक युवा सक्रिय रहें और लोगों से एक घर से एक गौवंश को खल खिलाने का आग्रह किया। युवाओं ने कहा कि यदि एक घर से एक निराश्रित गौवंश को खल खिलाए तो उनका पेट भरा रहें जिससे वे प्लास्टिक वगैरह ना खाए। कई लोगों ने इस पर सहमति भी दी।




