






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 नवंबर 2025। समर्थन मूल्य पर मूंगफली व मूंग खरीद अटकी हुई है, क्योंकि सरकार ने गिरदावरी जांच के नाम पर पूरे प्रदेश में खरीद रोक रखी है। जानकारों का कहना है कि लगातार सरकार बहाने बनाकर खरीद को टाल रही है जिससे सरकारी खजाने पर बोझ टाला जा सके। 26 सितंबर को खरीद की घोषणा की गई। सहकारिता मंत्री गौतम दक के निर्देशों के बावजूद अक्टूबर के पहले सप्ताह में पंजीयन प्रारंभ नहीं किए गए। आखिरकार पंजीयन 18 अक्टूबर से शुरू किए गए, और दीपावली अवकाश के साथ 30 अक्टूबर तक चले। खरीद एक नवंबर से प्रस्तावित थी परंतु अभी तक खरीद शुरू नहीं की जा सकी है। नवंबर का एक पखवाड़े से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने गाइडलाइन तक जारी नहीं की है। गिरदावरी जांच के नाम पर खरीद अटका दी गई है। किसानों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है और वे मजबूर होकर बाजार में मूंगफली बेच रहें है। जिससे दो से तीन हजार तक का नुकसान प्रति किसान प्रति क्विंटल उठाने को मजबूर है। क्षेत्र के किसान नेता व युवा नेता लगातार खरीद शुरू किए जाने की मांग विभिन्न स्तरों पर करते हुए नाराजगी भी जता रहें है।
श्रीडूंगरगढ़ बाजार में बरसेगा धन, साढें चार अरब रूपयों का होगा भुगतान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। खरीद में देरी से श्रीडूंगरगढ़ बाजार भी मायूस है। श्रीडूंगरगढ़ का बाजार पूर्णतया खेती पर ही निर्भर है एवं मूंगफली उत्पादन के रूप में किसानों की मेहनत क्षेत्र को आर्थिक मजबूती दे रही है। इस वर्ष 2025 में काटे गए सभी टोकन की खरीद पूरी हुई तो इस बार करीब साढ़े चार अरब रूपए का सरकारी भुगतान क्षेत्र के किसानो को होगा। अभी मूंगफली का समर्थन मूल्य 7263 रूपए प्रति क्विंटल है जबकि बाजार में ये किसान की मूंगफली औसत 5000 प्रति क्विंटल ही बिक रही थी। हालांकि गत तीन दिनों से मूंगफली के भावों में तेजी देखी का रही है और सरकारी खरीद नहीं होने से निराश किसान भावों की उम्मीद में मंडी की ओर देख रहे है। भावों में बहुत अधिक अंतर होने के कारण इस वर्ष सरकारी खरीद के लिए तुलवाई में गत वर्ष से दुगुने किसानों ने अपना पंजीयन करवाया है व पंजीकृत किसानो की खरीद की जाए तो इस बार पिछले साल की तुलना में दुगुनी खरीद होगी। गत वर्ष 2024 में श्रीडूंगरगढ़ में 9202 किसानों की मूंगफली तौली गई। जिसमें श्रीडूंगरगढ़ केंद्रों में 9 लाख 54,237 बोरे मूंगफली तुलवाई हुई। इस खरीद का 2 अरब 27 करोड़ 7 लाख 677 हजार 484 रूपए का भुगतान किया गया। इनके अलावा 2000 टोकन लूणकरणसर व नापासर खरीद केंद्रों पर ट्रांसफर कर दिया गया था। जिसका करोड़ों का भुगतान इस राशि से अलग श्रीडूंगरगढ़ के किसानों को मिला। इस वर्ष 2025 में अभी तक 18,712 किसानों के टोकन पंजीयन हुए है। इन सभी टोकन की तुलवाई होने पर अनुमानित राशि साढे चार अरब रूपयों से अधिक की होगी। ऐसे में किसानों की मेहनत से हो रहा मूंगफली उत्पादन श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र को आर्थिक मजबूती देगा। ये रूपया किसी ने किसी रूप में बाजार में फ्लो लाएगा और लोगों की समृद्धि बढ़ेगी।



