






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 जनवरी 2020। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के विकास की नींव बनने वाले रीको इंण्डस्ट्रीयल एरिया में अफसरशाही इस कदर हावी है कि यहां पर आए दिन हादसों में लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। कस्बे में करीब 40 वर्ष पूर्व रीको एरिया विकसीत किया गया था एवं तब के समय के अनुसार यहां पर विद्युत लाईनें लगी हुई है। यहां समय के साथ सड़कें तो ऊंची हुई और नहीं बदली गई तो विद्युत लाईनें। पुराने पोल, जर्जर लाईनें, कम ऊंचाई पर हाईटेंशन तार और अधिकारियों की लालफीताशाही ये सब मिल कर क्षेत्र में कई जानें ले चुके है। शनिवार को रीको एरिया में हुए हादसे के बाद सभी की जुबान से यही सवाल निकला के आखिर विद्युत विभाग कितने बेकसूरों की बली और लेगा। क्षेत्र के उस परिवार के हालात जिसने घर का जवान कमाऊ बेटा खो दिया उनकी पीड़ा के लिए शब्द ही कम पड़ रहे है। विदित रहे कि यहां पर करीब चार माह पूर्व भी विद्युत पोल में करंट प्रवाहित होने के कारण एक श्रमिक की जान चली गई थी एवं शनिवार सुबह सुबह अपने डम्फर को खाली करने के दौरान हाईटेंशन तारों की चपेट में आने से एक ट्रक चालक की मृत्यु हो गई है। हालत यह है कि एरिया में लगी मूंगफली गोटा की मिलें भी अपनी फेक्ट्री में पूरा ट्रक लोढ़ कर मूंगफली नहीं मंगवा सकती। क्यों कि ट्रकों पर लदी मूंगफली की ऊंचाई इतनी हो जाती है कि ये तार उन्हें जला देते है। ऐसे में आधी आधी गाड़ी मूंगफली मंगवाना इन मिल मालिकों को अतिरिक्त आर्थिक भार में भी डुबा रहा है। रीको एरिया उद्योग संघ ने इस संबध में कई बार विभाग को लिखित में मांगें उठा कर बिजली पोल के जगह ऊंचे टावर लगाने और पूरे रिको एरिया में पुराने पाले बदलने, जर्जर लाईनों को दुरस्त करने की मांग भी की है लेकिन विभाग कि आंखें दो जानें लेने के बाद भी नहीं खुली है।



