






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 फरवरी 2026। गांव ऊपनी में मोहनी देवी गोदारा द्वारा आयोजित कथा में बुधवार को तीसरे दिन महाराज शंकरदासजी महाराज ने अनेक कथा प्रसंग सुनाते हुए परिवार में आपसी मनभेद को मतभेद नहीं बनने देने की प्रेरणा दी। महाराज ने कहा कि परिवार में आपसी संवाद सदैव रखो, नहीं तो संसार में हंसी का, उपहास का कारण बन जाओगे। किसी बात पर असहमति हो, तो विरोध करो पर बैर मत करो। महाराज ने कपिल मुनि देवहूति संवाद, भक्त ध्रुव चरित्र, वराह अवतार सहित अनेक कथा प्रसंग सुनाए। उन्होंने जीवन में भक्ति को हर उम्र में ग्रहण करने योग्य बताते हुए कथा मन लगाकर सुनने, अहंकार छोड़ने, नशे से दूर रहने, भगवान की शरण लेने की बात कही। महाराज ने जीवन देने के लिए और जीवन की सभी व्यवस्थाएं करने के भगवान के प्रति कृतज्ञ होने, उनका प्रतिदिन आभार जताने की बात कही। उन्होंने कहा कि दो चार दिन कहीं घुमने जाना हो तो कितनी व्यवस्थाएं करते हो और इस मृत्युलोक से सदा के लिए जाना है उसके लिए कोई तैयारी ही नहीं करते हो, महाराज ने सावधान हो जाने और परनिंदा, उपहास, अहंकार, ईष्र्या, द्वेष से दूर होकर भजन पर ध्यान देने की बात कही। कथा में संगीतमय भजनों से भक्ति रस का संचार हुआ, जिसमें अनेक श्रद्धालुओं ने झूमकर आनंद लिया। गांव ऊपनी सहित आस पास के गांवो से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंच रहें है। कथा में कतरियासर धाम से महंत महेंद्र जी पहुंचे, जिनका साफा व शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। कथा में पहुंचे भाजपा नेता कुंभनाथ सिद्ध, आरएलपी नेता सीकर से विकास पचार, पूर्व सरपंच लिखमादेसर बहादूरनाथ सिद्ध, पंचायत समिति सदस्य पोकरनाथ सिद्ध, श्रवणनाथ टांडी सहित अनेक अतिथियों का आयोजक परिवार द्वारा सम्मान किया गया। गौसेवा में भी अनेक श्रद्धालुओं ने सहयोग राशि दी। परिवार के सदस्य व अनेक धर्मपरायण ग्रामीण युवा कथा की व्यवस्था सेवाओं में अपना योगदान दे रहें है।




