May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 अप्रैल 2026। ‘जल है तो कल है’, के नारे सरकार द्वारा पानी बचाने का संदेश देते हुए खूब प्रचारित किए जा रहें है। वहीं श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में चिंताजनक रूप से घटता भूमिगत जल आने वाले समय में बड़ा संकट बन सकता है। ऐसे में पेयजल विभाग द्वारा हजारों लीटर की पेयजल की बर्बादी होते देख जागरूक नागरिक बुरी तरह से व्याकुल हो उठते है। श्रीडूंगरगढ़ शहर में घुमचक्कर के पास बनी मुख्य पीली टंकी से बीती रात 2 बजे नालियों में खूब पानी बहा। अक्सर होने वाली इस साफ पानी की बर्बादी से मोमासर बास के कुछ वार्डों में जागरूक आमजन बुरी तरह से परेशान हो रहें है। नागरिकों ने बताया कि कई बार विभाग को इस बारे में अवगत भी करवा दिया। परंतु विभागीय लापरवाही के कारण साफ पानी का नुकसान हो रहा है। वार्ड 11 में करणी चौक के निवासियों ने बताया कि अक्सर विभाग में कार्यरत ठेकाकर्मी रात को पानी चलाकर सो जाते है जिससे पानी कई घंटे नालियों में बहकर बर्बाद होता है। नागरिकों ने रात को सप्लाई दिए जाने का विरोध जताते हुए बताया कि आधी रात बाद घरों में सप्लाई के नल चलते है जिससे पानी भरा भी नहीं जाता और घरों में भी पेयजल बर्बाद होता है। विभागीय अधिकारी कैलाश वर्मा ने बातचीत में बताया कि रात को सप्लाई दिए जाने के बारे में वे जांच करवाएंगे। वहीं सिटी जेईएन सुमित मीणा ने बताया कि रात को कहीं सप्लाई नहीं दी जा रही है। मोमासर बास में सप्लाई आज सुबह दी गई है। जब पानी भरकर ओवरफ्लो हो जाता है तो सेफ्टी वॉल से करीब 10 मिनिट पानी बह गया था।