






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 मई 2026। प्रदेश भर में अधिकांश किसानों की शिकायत यह है, कि उन्हें फसल बीमा का उचित मुआवजा नहीं मिल रहा। लेकिन बीमा क्लेम माफिया का आंतक इस कदर है कि आए दिन बैंकों, फसल बीमा कम्पनी के अधिकारियों की मिलीभगत से बिना जमीन वाले लोगों के नाम से फर्जी खाते खोल कर करोड़ों रुपए का क्लेम उठा लिया जाता है। ऐसा ही बीमा क्लेम घोटाला राज्य सरकार के कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने हनुमानगढ़ के पल्लू एसबीआई बैंक की ब्रांच में छापा मार के बड़ा फ्रॉड पकड़ा था, एवं 162 फर्जी किसानों के नाम से करीब 9 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम पारित करते हुए अधिकारियों को रोका। इस संबध में नोहर के सहायक कृषि अधिकारी विस्तार राकेश कुमार जाट ने बैंक शाखा प्रबधंक अंकुश मिगलानी एवं कार्मिकों की मिलीभगत से 162 लोगों को फर्जी किसान दिखाते हुए 9 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम पारित करने का आरोप लगातें हुए पल्लू थाने में मामला दर्ज करवाया है। बैंक कार्मिकों द्वारा श्रीडूंगरगढ़, बीदासर, रतनगढ़, सरदारशहर, बीकानेर, तारानगर सहित उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार के रहने वाले इन 162 फर्जी किसानों के नाम पर बीकानेर जिले के गजनेर में कृषि भूमि दिखाई गई थी। लेकिन वास्तव में गजनेर एवं उसके आस पास के गांवों में कहीं भी इन नामों से किसी किसान की कोई जमीन है ही नहीं। इस बड़े घोटाले के तार श्रीडूंगरगढ़ से जुड़े है एवं श्रीडूंगरगढ़ में आडसर बास में माताजी मंदिर के पास निवासी सीताराम ओझा, नंदकिशोर ओझा, मघराज ओझा, शिवरतन ओझा उनकी पत्नी संतोष देवी ओझा, संतोष पत्नी गोविंद ओझा, अनुसुईया ओझा, आकाश ओझा एवं बिग्गाबास निवासी अंकित पुत्र सुनील कुमार, राजू रेगर के नाम भी यह क्लेम पास हुआ है। पल्लू थाने में दर्ज एफआईआर में 162 फर्जी किसानों में से 10 श्रीडूंगरगढ़ के होने के साथ ही मामले के तार श्रीडूंगरगढ़ से जुड़ गए है। बताया जा रहा है कि ओझा परिवार का एक रिश्तेदार एसबीआई में बतौर अधिकारी कार्ररत है एवं उसी ने इन सभी के नाम से फर्जी खाते खोल कर क्लेम पास करवा लिया है। मामले की जांच पल्लू थानाधिकारी सुरेश मील करेगें।



