June 4, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 जून 2026। कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी व ग्राम विकास अधिकारियों ने संयुक्त समन्वय समिति के बैनर तले एकत्र होकर सरकारी छुट्टी के दिन काम नहीं करने अर्जी दी है। उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा को मुख्य सचिव के नाम अर्जी देते हुए कार्मिकों ने बताया कि राज्य या देश में आपात स्थिति के अलावा अवकाश के दिनों में किसी भी प्रकार की बैठक, ग्राम सभा, चौपाल, शिविर एवं निरीक्षण का कार्यक्रम जारी नहीं किया जाए। कार्मिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आज दिनांक से अवकाश के दिनों में कार्य हेतु जारी राजकीय आदेशों को हमारे द्वारा शून्य माने जाने व किसी भी कार्मिक के उपस्थित नहीं होने की चेतावनी भी दी।
कार्मिकों ने बताया कि 2008 में राज्य कार्मिकों की कार्य क्षमता में सुधार के लिए सरकार ने प्रतिदिन काम के घंटे बढाए व सप्ताह में 6 दिन के कार्य दिवस को घटाकर 5 दिवसीय कर दिया था। जो अनेक मनोवैज्ञानिक कारणों एवं कार्मिकों को उचित शारीरिक व मानसिक विश्राम देने, उनके पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों को पूर्ण करने के लिए किया गया प्रावधान था।
कार्मिक आपातकालीन आवश्यकताओं में अवकाश दिवस में भी दायित्व निर्वहन करते है परंतु गत 3 वर्षों से राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहें विभिन्न कार्यक्रम एवं कैम्प आदि सन्दर्भ में उच्चाधिकारियों द्वारा अवकाश दिवसों में कार्य करने के आदेश दिए जा रहे है, जिससे कार्मिकों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ने से तनाव बढ़ रहा है और उनकी कार्य क्षमता पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
वहीं कार्मिकों को ना तो क्षतिपूर्ति अवकाश दिया जाता है ना ही कोई अतिरिक्त राशि देय है। बाहरी जिलो में पदस्थापित कार्मिक 6 – 6 माह तक घर पर नहीं जा पाते, जिससे उनके पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों का निर्वहन भी नहीं कर पा रहें है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने वाले कार्मिकों पर इसका सर्वाधित दुष्प्रभाव पड़ रहा है। इस दौरान उपखंड क्षेत्र के कार्मिक शामिल रहें।