






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 फरवरी 2021। स्कूल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन सेवा राजस्थान के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश अध्यक्ष कोडाराम भादू के नेतृत्व में अतिरिक्त शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा अशोक सांगवा से बुधवार को मुलाकात की व बिना टि. सी. प्रवेश लेने वाले बालको के प्रवेश की जांच करवा कर ऐसे प्रवेश लेने वाले संस्था प्रधानों व गलत शपथ पत्र देने वाले अभिभावकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। मंडल ने अतिरिक्त शिक्षा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को ज्ञापन दिया व बताया कि निदेशक माध्यमिक शिक्षा द्वारा बिना ऑनलाइन टीसी प्रवेश नहीं लेने का आदेश जारी किया गया है लेकिन इसका उल्लंघन करते हुए कई सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों के संस्था प्रधान गलत एफिडेविट के आधार पर प्रवेश ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सरकारी विद्यालय भी ये अनैतिक कार्य कर रहें है। कोडाराम भादू ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में प्रावधान है कि शिक्षा से वंचित रहे बालकों को उनकी उम्र के अनुरूप कक्षाओं में सीधे ही प्रवेश देकर शिक्षा से जोड़ा जाए।ऐसे बालकों का बौद्धिक स्तर प्रवेश दिए गई कक्षा के अनुरूप करने के लिए संस्था प्रधानों को यह जिम्मेवारी दी गई है कि वह ऐसे बालकों की अतिरिक्त कक्षा लगाकर कम से कम 3 माह में तथा अधिक से अधिक 2 वर्ष में उनका बौद्धिक स्तर उस कक्षा के अनुरूप करें। जिस कक्षा में सीधा जन्मतिथि के आधार पर प्रवेश दिया गया है इस संबंध में प्रक्रिया अपनाकर उनका रिकॉर्ड संधारण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह व्यवस्था उन बच्चों के लिए है जो औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए है, तथा उनकी आयु 6 वर्ष से अधिक हो गई जिन्हें प्रथम कक्षा के बच्चों के साथ बिठया जाना संभव नहीं है। इसलिए उनको उम्र के अनुसार प्रवेश किया जाता है। किंतु अभिभावक अपनी फीस बचाने के लिए पूर्व सत्र में अध्ययनरत विद्यालय से बालक की टीसी लाना आवश्यक नहीं समझते हैं। तथा गलत एफिडेविट देकर प्रवेश दिला रहे हैं। इसी के साथ कक्षाएं बालकों की कक्षा जंप करवा रहे हैं। जैसे बच्चा कोई तीसरी कक्षा में पढ़ रहा है उसको बिना चौथी और पांचवी कक्षा में अध्ययन किए छठी कक्षा में प्रवेश दिया जा रहा है। इसी तरह सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढाने के लिए गलत अपडेट के आधार पर संस्था प्रधानों द्वारा प्रवेश लिया जा रहा है ताकि उसी स्कूल में पद टूटे नहीं और उन सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने वाले अध्यापकों के लिए स्थान सुविधाजनक है वे वहीं जमे रहे। इससे विभागीय आदेशों का उल्लंघन तो हो रहा है और साथ ही व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती जा रही है। अतिरिक्त निदेशक सांगवा ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि इस प्रकरण में जांच करवा कर उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में सीताराम चौधरी, पवन बुरड़क, जितेंद्र नेहरा, ओमप्रकाश बडिया आदि शामिल रहे।



