May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 फरवरी 2021। आज विधानसभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा पेश किए गए बजट में श्रीडूंगरगढ़ के लिए स्थित बिन मांगे मोती मिले मांगे मिले न चून(आटा) वाली ही रही है। यहां की सबसे बड़ी जरूरत ट्रोमा सेंटर की मांग है व सरकारी महाविद्यालय के भवन की मांग थी। बता देवें यहां चार वर्ष पहले वसुंधरा सरकार द्वारा अपने अंतिम बजट में खोला गया सरकारी महाविद्यालय अभी तक एक सरकारी स्कूल के तीन कमरों में किराए पर चल रहा है। महाविद्यालय में करीब 600 विद्यार्थी अध्यनरत है। इस महाविद्यालय के लिए भवन की आवश्यकता सबसे बड़ी जरूरत थी जिससे विद्यार्थी कॉलेज आ सकें और अपना अध्ययन कर सकें परन्तु ये मांग अनसुनी कर एक नया कन्या महाविदयालय दे दिया गया है जिसकी मांग कोई दो चार बार ही उठी थी। नेशनल हाइवे व जयपुर, दिल्ली रूट पर होने के कारण यहां होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में सैंकड़ो लोगों ने जानें गवाईं है परन्तु यहां ट्रोमा का सपना सपना ही रह गया। ड्रेनेज की घोषणा के साथ ही सड़कों की बदहाली पर भी ध्यान देने की बात हो या पूरे राजस्थान में सर्वाधिक उत्पादन मूंगफली देने के साथ लंबे समय से हो रही इंण्डस्ट्रियल एरिया खोलने की मांग हो, श्रीडूंगरगढ़ को कोई सौगात नहीं दी गई। ये तीनों बड़ी मांगे भी कांग्रेस के तीसरे बजट में स्थान नहीं पा सकी। हां आज स्वीकृत कन्या महाविद्यालय सहित अन्य घोषणाओं का क्रेडिट माकपा विधायक गिरधारीलाल महिया भी ले रहें है और पूर्व विधायक कांग्रेस के मंगलाराम गोदारा भी। भले ही क्षेत्र के नेता इस बजट को लेकर आभार जता रहे हैं लेकिन कहते हैं ना की ये जनता है यह सब जानती है।