May 21, 2026
05d349f1-27c6-4087-ba0c-fe6a18a1be48

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 मार्च 2021। क्षेत्र में मृत्युभोज के प्रति अब जागृति आने लगी है और कई गांवो में कई समाज व जातियां अब इसी कुरीति से मुक्ति का संकल्प लेने लगे है। सरकार का प्रयास व कानून भी समाज में धीरे धीरे सार्थक हो रहा है। आज श्रीडूंगरगढ़ के गांव सांवतसर में मेघवाल समाज ने मृत्युभोज को सामाजिक कुरीति मानते हुए इसे अपने समाज में बंद करने का फैसला किया है। गांव में समाज के गणमान्य नागरिक एकत्र हुए मृत्युभोज व मृत्यु पर ली जाने वाली ओढावनी भी सख्ती से नहीं लेने के निर्णय पर सहमति बनाई। समाज के बुधराम, कालूराम, रावत राम, किशनलाल, मदनलाल, खेताराम, मोडाराम, रामकरण, पूनमचंद, तोलाराम, हरिराम, सोहनलाल, रामप्रताप, सुखराम, भंवरलाल, नरसिंहराम, श्रवणराम, बंशीलाल, रामचंद्र, बच्चन लाल, मघाराम सहित बड़ी संख्या में समाज के नागरिकों ने निर्णय पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए इसकी पालना का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता वार्ड पंच मदनलाल व खेताराम ने की तथा उपस्थित पूर्व सरपंच ने सभी गांवो व समाजों से इस कुरीति का अंत कर एक सभ्य समाज के निर्माण में योगदान देने का आव्हान नागरिकों व युवाओं से किया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव सांवतसर में मेघवाल समाज के नागरिकों ने मृत्यु भोज नहीं करने व ओढावनी नहीं लेने पर सहमति बनाते हुए इस सामाजिक कुरीति को बंद करने का संकल्प लिया।