May 21, 2026
शीतला सप्तमी आज, कल अष्टमी के दिन होगा पूजन, जानें शास्त्र सम्मत खबर।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 अप्रैल 2021।
सनातन धर्म में अनेकों व्रत और पूजा की जाती है। बात जब पूजा की हो तो साफ सफाई, ताजे भोजन के भोग इत्यादि का विशेष ध्यान रखा जाता है लेकिन शीतला माता का व्रत एवं पुजा ऎसी है जिसमें बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। इस दिन बासी भोजन का भोग लगाने से ही माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। शीतला अष्टमी का व्रत हर साल होली के 8 दिन बाद मनाया जाता है। इस हिसाब से शीतला सप्तमी आज 03 अप्रैल शनिवार को मनाई जाएगी और शीतला अष्टमी/बसोड़ा का व्रत और पूजन 4 अप्रैल के दिन किया जाएगा।
चैत्र माह के कृष्ण पक्ष को किए जाने वाले शीतला व्रत या बसोड़ा के दिन भक्त मां शीतला को बासी भोजन का भोग लगाते हैं। बासी भोजन की वजह से ही इस व्रत का नाम बासोड़ा पड़ा जिसका अर्थ होता है बासी भोजन ( जिसे कई जगहों पर बसियौरा भी कहते हैं)। इस दिन का भोजन या भोग एक दिन पहले सप्तमी को ही तैयार कर लिया जाता है और फिर अष्टमी के दिन यानी शीतला अष्टमी के दिन माता को इसका भोग चढ़ाया जाता है। इस दिन के बाद से व्यक्ति को बासी भोजन खाने से बचना चाहिए। शीतला अष्टमी व्रत के बारे में कहा जाता है कि, इस दिन का व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में शीतलता प्राप्त होती है। साथ ही जो कोई भी व्यक्ति शीतला अष्टमी या बसोड़ा के दिन व्रत और पूजन आदि करता है उसके सभी कष्ट दूर होते हैं, जीवन में दुख परेशानियां दूर होती है और साथ ही शीतला माता के आशीर्वाद से ऐसे व्यक्तियों को चेचक, खसरा और आंखों से जुड़ी समस्या ठीक होने का वरदान प्राप्त होता है।