






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 अगस्त 2021। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में भूमिगत जल स्तर 1200 से 1400 फीट गहरा पहुंच गया है और ये लगातार नीचे जा रहा है। ट्यूबवेल की संख्या यहां लगातार बढ़ती जा रही है और आने वाले समय में जलसंकट गहरा सकता है। ऐसे में जल के अधिकतम उपयोग तथा सिंचाई दक्षता बढ़ाने और “ड्रॉप मोर क्रॉप” को ध्यान रखते हुए उद्यान विभाग द्वारा ड्रिप सिंचाई, मिनी फव्वारा व फव्वारा सिंचाई के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत कृषकों को सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र स्थापित करने के लिए अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा। उद्यान विभाग श्रीडूंगरगढ़ में अधिकारी सोमेश तंवर ने बताया कि योजना का लाभ किसानों को मिल सके इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया से अवगत करवाया जाएगा। इस हेतु किसान सेवा केन्द्र पंचायत समिति श्रीडूंगरगढ़ में 11 अगस्त, बुधवार को शिविर का आयोजन किया जाएगा। बता देवें बुधवार को श्रीडूंगरगढ़ सहित नोखा, खाजूवाला में भी शिविर आयोजित होगे तथा पंचायत समिति बीकानेर, कोलायत, लूणकरणसर में ये आगामी 13 अगस्त को लगाया जाएगा।
इतना अनुदान मिलेगा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विभाग के सोमेश तंवर ने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा निर्धारित की गई इकाई लागत का सामान्य श्रेणी के कृषकों को 50 प्रतिशत व लघु व सीमान्त श्रेणी के कृषकों को 70 प्रतिशत तक अनुदान देय है। अनुदान राशि का भुगतान कृषक के खाते में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा ज्यादा से ज्यादा कृषकों को जल बचत की जानकारी देते मिनिस्प्रिंकलर लगाते के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
क्या है ड्रॉप मोर क्रॉप.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ड्रॉप मोर क्रॉप घटते जलस्तर के लिए श्रीडूंगरगढ़ में यह पद्धति सरल भी है और कारगर भी है। सोमेश तंवर ने बताया कि यहां फव्वारा पद्धति से अधिकांश फसल होती है जो कि पानी को जड़ों तक नहीं पहुंचाती और पानी का अधिक वेस्टेज भी होता है। इस सिस्टम को अपना कर किसान सीधे फसलों तक पानी पहुंचा कर अधिक उत्पादन के साथ ही पानी बचा सकते है। इस पद्धति में किसान को सप्लाई के लिए एक पाईप बिछाना होगा उसके बाद खेत तैयार कर पतले पाइप का जाल सा लगाना होगा। तंवर ने कहा कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के किसान आगे बढ़ कर इसे अपनाएं कयोंकि यह बहुत उपयोगी साधन साबित होगा।
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