May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 अक्टूबर 2021। विज्ञापन ओर त्वरित लाभ के कारण आजकल हर ओर एलोपैथी का चलन ज्यादा हो गया लेकिन स्वस्थ समाज का निर्माण केवल भारतीय चिकित्सा पद्धति से ही हो सकता है। आवश्यकता है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही एलोपैथी का सहारा लिया जाए और स्वस्थ जीवन जीने के लिए भारतीय जीवनशैली को अपनाया जाए। यह संदेश दिया गया शुक्रवार को शुरू होने वाले 17 दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर के उदघाटन कार्यक्रम में दिया गया। कस्बे के दिवंगत समाजसेवी धर्मचंद पुगलिया की स्मृति में धर्मचंद्र भीखमचंद पुगलिया चेरिटेबल ट्रस्ट के आर्थिक सहयोग से श्रीमद आचार्यश्री तुलसी महाप्रज्ञ साधना संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उदघाटन माणकचंद पुगलिया ने किया। उदघाटन समारोह की अध्यक्षता साहित्यकार श्याम महर्षि ने किया और अतिथि रूप में चेतन स्वामी, तोलाराम मारू रहे। शिविर प्रभारी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के चिकित्सक राधेश्याम पारीक ने पद्धति के बारे में ओर शिविर में उपचार की जानकारियां दी। संस्थान के धनराज पुगलिया ने आभार जताया और अणुव्रत समिति उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी, महिला मंडल मंत्री मधु झाबक ने भी विचार व्यक्त किये। संयोजन केएल जैन ने किया और इस दौरान रामचंद्र राठी, सूर्यप्रकाश गांधी, विजयराज सेठिया, तेजकरण डागा, करणीसिंह बाना, करणीसिंह खीची, नंदलाल राठी, लीलाधर बोथरा, पार्षद अंजू पारख सहित कई प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। सदन ने सामूहिक रूप से आयोजन के लिए ट्रस्ट के अध्यक्ष भीखमचंद पुगलिया का आभार जताया।