






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 जनवरी 2022। नजरों के ठीक सामने श्रीडूंगरगढ़ कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित पुस्तकालय की दीवार पर लगाया गया एक बेनर इन दिनों जबरदस्त चर्चा में है। क्षेत्र में हर खास से आम की जुबान पर इस बेनर की चर्चा है और अगर किसी पाठक ने नहीं देखा है तो रविवार को वे इस पर एक नजर डाल सकते है। ये बेनर समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय ‘आपणो गांव सेवा संस्थान’ के युवाओं द्वारा लगाया गया है। संस्था के युवाओं ने जन जागरूकता का एक अनूठा तरीका अपनाया है और एकजुट होकर सरकारी कार्यों में हो रही अनियमितता को मिटाने और इसे पारदर्शी बनाने की दिशा में इसे प्रयास बताया है। निजी लाभ के लिए राजनीति को व्यवसाय के रूप में लेने वाले लोगों के लिए ये आने वाले समय में एक करारा झटका साबित हो सकता है। इस बेनर में पालिका द्वारा 1वर्ष के भीतर किये गए कार्यों का लेखा-जोखा छपवाया गया है। बेनर में वर्ष 2021के साल में पालिका द्वारा जारी किए गए ऑनलाइन कुल 266 टेंडरों और उसमें व्यय अनुमानित राशि का ब्यौरा लिखा गया है। कस्बेभर में इस बैनर को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है और नगरपालिका प्रशासन और पार्षदों द्वारा इस सन्दर्भ में अलग अलग बयान दिए जा रहे है। पालिका के शुभ चिंतकों का कहना है कि जितने के टेंडर छूटे उतनी धनराशि पास ही नहीं हुई है। इस बैनर में अधूरी और जनभ्रामक जानकारी दी हुई है। दूसरी ओर बेनर लगाने वाले युवाओं का कहना कि श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका में करोड़ो रुपयों का फंड आता है आखिर वह रुपया जाता कहाँ है.? इसके लिए युवा पूछता है श्रीडूंगरगढ़ नाम से प्रचार कर रहें है। समिति के अध्यक्ष मनोज डागा ने बताया कि पालिका ने ये केवल ऑनलाइन 266 टेंडर के 26 करोड़ की स्वीकृत राशि है जबकि ऑफलाइन का रिकॉर्ड भी लेने के काफी प्रयास किए गए परन्तु पालिका प्रशासन हरगिज कोई जानकारी देने को तैयार नहीं है। वहीं समिति के प्रवक्ता मदन सोनी ने कहा कि बेनर लगाने के लिए पालिका को अनुमति के लिए पत्र लिखा गया और 11 दिन इंतजार भी किया गया। परन्तु अनुमति नहीं मिलने पर हमने डीडीआर, डीएलबी और सीएम को मेल डालकर परमिशन ली और बेनर लगाया है। समिति फिलहाल ओर भी आरोप पत्र तैयार करने में जुटी है। मामला जो भी रहें पर पूरे उपखंड में ये चर्चा -ए-आम बन गया है।



