






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 जनवरी 2022। भारत के युगपुरुष स्वामी विवेकानंद जी का जन्मदिन आज देशभर में युवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। आज ऊर्जा से भरपूर युवाओं के सम्मान में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स पठाकों का परिचय हमारे क्षेत्र के एक युवा से करवा रहा है जो अपना अंश मात्र देकर देश के भविष्य को मजबूत करने में सहयोगी बनने का प्रयास कर रहा है। कस्बे के वार्ड 14 के निवासी जितेंद्र सुथार पुत्र स्व. रामचंद्र सुथार समाज में आने वाले कल को यानी बच्चों को संवेदनाओं से जोड़ने का प्रयास कर रहें है। जितेंद्र ने सरकारी नौकरी में जाने के बाद व्यक्ति केवल नौकरी तक ही सीमित हो जाता है जैसे मिथकों को तोड़ते हुए बच्चों को ऑनलाइन व ऑफलाइन ड्रांइग सीखा रहें है। जितेन्द्र लूणकरणसर में डीओआईटी विभाग में इनफॉरमेंशन अस्सिटेंट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहें है और साथ ही रोजना एक घंटे नन्हें मुन्ने बच्चों को कागज पर चित्र बनाना सीखा रहें है। दीपक ने यूट्यूब पर “Art World 4 kids” के नाम से चैनल भी बनाया है और बच्चों को पेंसिल पकड़ने से लेकर कलर कैसे भरना तक कि जानकारी ही नहीं देकर उन्हें कलात्मक रूप से अक्षरज्ञान से भी जोड़ने का प्रयास कर रहें है। जितेंद्र ने टाइम्स को बताया कि बचपन से उन्हें ड्राइंग में खासी रुचि रही है और वे 2006 में राज्य स्तर पर ड्राइंग कॉम्पिटिशन में सैंकड स्थान पर रहें थे। जितेंद्र ने कहा कि चित्र के माध्यम से बच्चे अपनी भावनाओं को कागज पर उतार सकेंगे ऐसे में उनका मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होगा। जितेंद्र ने कहा कि मैं मानता हूं आज जीवन में संघर्ष बढ़ गया है और हम सभी एक संक्रमण काल के दौर से गुजर रहें है। बच्चे ऐसे में मनोरंजन के साथ आगे बढें और उनके दिमाग में कोई तनाव नहीं रहें इसलिए इस चैनल के माध्यम से बच्चों से जुड़ रहा हूं। उन्होंने कहा कि आज समाज चिंतक ये मानते है कि समाज में बढ़ते अपराधों का कारण संवेदनाओं का शिथिल होना है। आधुनिकता मशीनीकरण को बढ़ा रही है और पाश्चात्यकरण संवेदनाओं को शून्य कर रही है। मेरा प्रयास होगा की आने वाली पीढ़ी संवेदना शून्य न होकर भावनात्मक रूप से चहकती, दमकती हो जो देश में सकारात्मक उजाला कर सकें।
चित्र बनाने के फायदे जाने जितेंद्र से।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जितेंद्र सुथार ने टाइम्स को बताया कि ड्राइंग करना हर प्रकार से अच्छा है और विशेषज्ञ बताते है कि ड्राइंग करने से व्यक्ति चिंता मुक्त व तनाव मुक्त होता है। इससे दिमागी कसरत होती है तथा ध्यान को केन्द्रित करने में मदद मिलती है। ये बच्चों को सामाजिक बनाने में मदद करती है तथा अच्छी नींद में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति के अंदर के कलाकार को जगाती है जिससे व्यक्ति सुदंर सोच बना सकता है। और स्वामी विवेकानंद ने कहा था जैसा सोचोगे वैसे ही बन जाओगे। तो क्यों ना हम बच्चों को सकारात्मक सोचना सीखाएं जिससे समाज व देश का भला हो सके और उनका जीवन मानवीय मूल्यों के साथ उत्कृष्टता को हासिल कर सकें। नीचे दिए गए लिंक से आप जितेंद्र के चैनल से जुड़ कर अपने बच्चों को चित्र बनाना सीखने में मदद कर सकते है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स ऐसे नोजवानो का हौसला बढ़ाता है जो निस्वार्थ भाव से देश व समाज में सकारात्मक योगदान देने का प्रयास कर रहें है। क्षेत्र की सभी प्रामाणिक व विश्वसनीय समाचारों के लिए आज ही जुड़े श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के साथ।
https://youtu.be/idfi-7vZePU



