






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 फरवरी 2022। गांव मोमासर में बाबा रामदेव की जाल में भरने वाले तीन दिवसीय मेले की पहचान एक बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में ही नहीं बल्कि पश्चिमी राजस्थान की संस्कृति की पूरी झलक इस मेले में मिलने के रूप में भी प्रसिद्धि पा चुका है। इस बार ये मेला 10,11,12 फरवरी को आयोजित होगा और मेले की तैयारियां परवान पर है। ग्रामीण पूरे उत्साह व उल्लास के साथ आयोजन को सफल करने में जुट गए है। मेला आयोजन कमेटी ने रविवार व सोमवार को करीब 350 दुकानों का आवंटन करने प्रक्रिया पूरी कर दी है तथा बोली में दुकान लेने वालों ने दुकानों को सजाना प्रारंभ कर दिया है। कमेटी के मंत्री मनफुल गोदारा ने बताया कि गांव की उत्तरादी रोही में स्थित मंदिर में लोकदेवता रामदेव बाबा के धोक लगाने श्रद्धालु दूर दूर यहां पहुंचते है। इनमें बीकानेर व चुरू के ही नहीं अन्य पूरे राजस्थान से श्रद्धालु शामिल होने आते है। गोदारा ने बताया कि माघ सुदी नवमी को या 10 फरवरी की रात्रि 9 बजे भव्य जागरण का आयोजन होगा जिसमें योगीराज बिहारीनाथ एंड पार्टी द्वारा सारी रात भजनों की भक्ति सरिता प्रवाहित की जाएगी जिसमें सैंकड़ो श्रद्धालु डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित करेंगे। दशमी तिथि या 11 फरवरी की सुबह 5 बजे से बाबा के दिव्य जोत आरती के पश्चात दर्शन प्रारंभ होंगे। एकादशी को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने व मेला देखने पहुंचते है। कमेटी ने श्रद्धालुओं से कोरोना गाइडलाइन की पालना करने की अपील करते हुए और मास्क पहन कर आने की बात कही है।
मेले का मुख्य आर्कषण कुश्ती प्रतियोगिता।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मोमासर मेले का मुख्य आकर्षण यहां होने वाले शानदार कुश्ती मुकाबला है। ग्रामीण जीवन की झलकियों के साथ ये कुश्ती देखने आस पास के शहरों से दर्शक मेले में पहुंचते है। इस कुश्ती प्रतियोगिता में प्रदेश से ही नहीं वरन हरियाणा, पंजाब से भी पहलवान भाग लेने आते है तथा अपने दाव की ताकत आजमाते है। बड़ी संख्या में ग्रामीण खेल प्रेमी कुश्ती का दंगल देखने मेले में शामिल होते है। इस शानदार खेल आयोजन में भाग लेने गत वर्ष महिला पहलवान भी पहुंची थी। इस बार भी मेला कमेटी आयोजन को सफल बनाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखना चाहती है व तैयारियां जोर शोर से की जा रही है। (ग्राउंड रिपोर्ट- मोमासर से पवन सैनी)







