May 20, 2026
00

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 फरवरी 2022। यूपी विधान सभा के लिए आज चौथे चरण के वोट पड़ेंगे। इस चरण में ये स्पष्ट हो जायेगा कि इस प्रदेश में अगली सरकार किसकी बनेगी। चौथे चरण में पूर्वांचल आता है और यहां भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है क्योंकि पिछले चुनाव में यहां उसे बम्फर सीटें मिली थी। मगर इस बार यहां राह आसान नहीं।
इस चरण में परिवारवाद हावी है। यहां अधिकतर उम्मीदवार इसी परंपरा के है और दल भी बदलते रहे हैं। राजनीति के इस क्षेत्र में कई घराने है जिनको ही पार्टियां टिकट देती रही है। परिवारवाद पर कांग्रेस को घेरने वाली भाजपा ने भी यहां टिकट परिवार के लोगों को ही दिए हैं।
इस चरण से पहले भाजपा ने आतंकवाद और साईकिल का कनेक्शन जोड़ा, आतंकवाद को मुख्य मुद्दा बनाया। धर्म, राम मंदिर, हिजाब आदि के मुद्दे पीछे रह गये। ये गन्ना किसानों की बहुलता का क्षेत्र है इसलिए यहां भी किसान के तेवर भाजपा पर भारी पड़ रहे हैं। लखीमपुर खीरी प्रकरण के आरोपी की जमानत ने किसानों की नरमी को फिर से गर्म कर दिया है। राकेश टिकेत और उनकी टीम यहां पूरी तरह से सक्रिय रही है। किसान यूनियन के लोगों ने ग्रामीण क्षेत्र को टारगेट किया। गन्ना किसानों का बकाया भुगतान और खरीद की दर का मुद्दा अखिलेश – जयंत चौधरी ने उठाया है।
इस चरण की कुछ सीटों पर सिक्ख मतदाता भी बड़ी संख्या में है और वे किसान आंदोलन में सक्रिय रहे हैं। किसानों का रुख यहां भी असर डालेगा। बेरोजगारी और महंगाई भी कुछ हद तक यहां मुद्दा बना है, जिसे कांग्रेस और सपा ने हवा दी है। प्रियंका अपने परिवार की पुश्तेनी सीट पर ज्यादा सक्रिय रही है। भाजपा को इस चरण में सपा गठबंधन के साथ साथ कांग्रेस से भी संघर्ष करना पड़ रहा है। इस चरण में यदि मतदान का प्रतिशत बढ़ेगा तो भाजपा के लिए चिंता बढ़ेगी। चौथे चरण में भाजपा और सपा गठबंधन ने पूरी ताकत लगाई है, उसी से मुकाबला कांटे का हो गया है।
यूपी में अब आवारा सांड भी चुनावी मुद्दा बन रहा है। किसान यूनियन ने हालांकि पहले चरण से ही इसे एक मुद्दा बना किसानों की लामबंदी की थी मगर ये मुद्दा अब गहरा रहा है। मंगलवार को बाराबंकी में हुई योगी की चुनावी सभा में भी सांड घुस गये। इसे किसानों का विरोध माना जा रहा है। सपा गठबंधन और किसान जहां आवारा सांड को मुद्दा बना रहे हैं वहीं भाजपा आतंकवाद के मुद्दे को खड़ा करने की कोशिश सुनियोजित तरीके से कर रही है। पांचवें चरण में इन्हीं मुद्दो पर घमासान होगा, ये साफ दिख रहा है। यूपी चुनाव चरण दर चरण रोचक होता जा रहा है, इस बार किसी भी तरह की लहर नहीं दिख रही। स्थानीय मुद्दे तो हैं मगर किसान, महंगाई, बेरोजगारी, आवारा सांड, आतंकवाद भी अब बड़े मुद्दे बन रहे हैं। चौथा चरण सपा गठबंधन और भाजपा के लिए खास महत्त्व का है, इससे ही बढ़त सफल करेगी। यूपी में माना जाता है कि जो पूर्वांचल जीतता है वही यूपी जीतता है।
– मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘
वरिष्ठ पत्रकार