






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 अप्रैल 2022। खाद्य सुरक्षा योजना में नाम जुड़वाने की मांग कस्बे के अनेक वार्डों सहित हर गांव से प्रशासन गांवो के संग अभियान के दौरान सर्वाधिक उठाई जाने वाली मांग थी। सोमवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने पोर्टल खोलने के आदेश जारी कर दिए है। लंबे इंतजार के बाद 10 लाख पत्र परिवारों को जोड़ा जाएगा। बता देवें आवेदन केवल ऑनलाइन लिए जाएंगे और पात्र व्यक्ति स्वयं या ईमित्र के द्वारा फार्म भर सकेंगे। आप भी पात्र परिवारों की मदद करें और सही जानकारी उन तक पहुंचाए। नाम जुड़वाने के लिए पटवारी या ग्राम विकास अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और सभी पात्रता वाले नागरिकों को संबंधित विभाग ही से दस्तावेज या प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। खाद्य सुरक्षा सूची में नाम जुड़वाने के लिए अन्त्योदय परिवार, बीपीएल परिवार, स्टेट बीपीएल परिवार अपने दस्तावेज स्थानीय निकाय/ जिला परिषद से प्राप्त करेंगे। वहीं अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थी जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जारी सूची 2001 की सूची के अनुसार इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पैशन योजना, मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग योजना, मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन पेशन योजना, मुख्यमंत्री निराश्रित पुनर्वास योजना से संबंधित, एकल महिलाएं, यदि पेंशन प्राप्त नहीं कर रहें है तथा प्रकरण यथा कोरोना से मृत्यु है तो भौतिक सत्यापन, ऐसे नागरिक अपना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा पेंशन नंबर पेश करने होंगे। वहीं मनरेगा में 100 दिन मजदूरी करने वाला परिवार केवल ग्रामीण क्षेत्रों में वे अपना प्रमाण पत्र पंचायती राज विभाग से प्राप्त कर सकेंगे। भूमिहीन कृषक व सीमान्त कृषक राजस्व विभाग के तहसीलदार या पटवारी से प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे। समस्त सरकारी हॉस्टल के अन्तवासी संबंधित विभाग या जिले के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र या दस्तावेज, श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक कंस्ट्रक्शन वर्कर का लेबर कार्ड वाले पात्र होगें जिनके दस्तावेज श्रम विभाग से जारी लेबर कार्ड के आधार पर होगा। पंजीकृत अनाथालय एवं वृद्धाश्रम एंव कुष्ठ आश्रम जो संबंधित विभाग या जिले के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र या दस्तावेज लगाए। कचरा बीनने वाले परिवार, शहरी घरेलू कामकाजी महिलाएं, गैरसरकारी सफाईकर्मी (केवल शहरी क्षेत्र के लिए), स्ट्रीट वेण्डर, साइकिल रिक्शा चालक, कुली स्थानीय निकाय से प्रमाण पत्र प्राप्त करेगें। घुमन्तु व अर्द्धघुमन्तु जातियां जैसे वनवागरिया, गाड़िया लूहार, भेड़ पालक, जिला प्रशासन और भेड़ पालकों के लिए जिला पशु पालन अधिकारी प्रमाण पत्र जारी करेगे। वनाधिकार पत्रधारी परपंरागत वनवासी को जिला प्रशासन, लघु कृषक राजस्व विभाग के तहसीलदार या पटवारी से, आस्था कार्डधारी परिवार, बहु विकलांग एवं मंदबुद्धि व्यक्ति व पालनहार योजनान्तर्गत लाभार्थी बच्चे व पालनहार परिवार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जारी परिचय पत्र, अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1998 तथा संशोधित अधिनियम 2015 के अंतर्गत पीड़ित व्यक्ति अपना प्रमाण पत्र जिला प्रशासन/ सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा प्राप्त कर सकते है। एड्स से ग्रसित व्यक्ति एवं परिवार चिकित्सा विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र/ ग्रीन डायरी, सिलिकोसिस रोग से ग्रसित व्यक्ति एवं परिवार अपना प्रमाण पत्र चिकित्सा विभाग/ निशक्तजन आयुक्तालय से प्राप्त कर सकेंगे। डायन प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2015 के अंतर्गत पीड़ित महिलाएं अपने पात्रता प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेगी। निसंतान दंपति, वृद्ध दंपति जिनकी केवल दिव्यांग संतान है वे नगरीय क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारी, स्थानीय निकाय की रिपोर्ट के आधार पर, ग्रामीण क्षेत्रों में तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर, सर्वे के आधार पर पात्र माने जाएंगे वहीं ट्रांसजेंडर स्व घोषणा के उपरांत भौतिक सत्यापन के आधार पर पात्र होंगे।



