






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 अप्रैल 2022। कस्बे के संगीत घराने से ताल्लुक रखने वाले किशन कत्थक पुत्र शिवलाल कत्थक ने सितारवादन में तीन स्वर्ण पदक जीते व ये उपलब्धि हासिल करने वाले राजस्थान के पहले युवक बन गए है। भारत का राष्ट्रीय वाद्य यंत्र सितार बजाने में एक नया इतिहास लिखते हुए किशन देशभर में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र का गौरव बन गए है। किशन कत्थक ने खैरागढ़-छत्तीसगढ़ के इन्दिरा कला संगीत विश्व विद्यालय के सोलहवें दीक्षांत समारोह में 27 अप्रैल 2022 को एम ए सितार परीक्षा 2020 के परीक्षा परिणाम में अव्वल रहकर तीन स्वर्ण पदक 1- खेमराज दूलीचंद जैन स्वर्ण पदक, 2- उस्ताद मुस्ताक अलीखान स्वर्ण पदक तथा 3- ध्रुवनारायण अग्रवाल स्मृति स्वर्ण पदक प्राप्त हासिल किए है। किशन को गोल्ड मेडल छतीसगढ के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने तथा तीनों प्रशस्ति पत्र वहां की राज्यपाल अनुसुइया उइटे ने प्रदान किए। प्रसिद्ध गायिका कविता कृष्ण मूर्ति ने मंच पर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। साहित्यकार चेतन स्वामी ने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ से प्रबुद्धजन किशन को बधाईयां दे रहें है। बता देवें खैरागढ़ विश्व विद्यालय देश का प्रथम विश्व विद्यालय है, जहां संगीत की सभी विधाएं पढ़ाई जाती है। संगीत अध्यापक के रूप में कार्यरत किशन सेनिया घराने के चन्द्र मोहन भट्ट के शिष्य हैं। युवा किशन अपनी प्रस्तुतियां अनेक बड़े समारोह में दे चुके है और वृन्दावन के हरिदास महाराज समारोह, उदयपुर के महाराणा कुंभा संगीत समारोह, संगीत नाटक अकादमी के अनेक समारोह में यादगार प्रस्तुतियां दी है। किशन को रॉयल राजस्थान सम्मान प्राप्त है तथा उन्होंने एक विदेशी फिल्म में भी सितार बजाया है।



