May 21, 2026
26jan

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 जून 2022। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 10 – Jun – 2022
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि दशमी 07:27 AM
🔅 नक्षत्र चित्रा +03:37 AM
🔅 करण :
गर 07:27 AM
वणिज 07:27 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग वरियान 11:35 PM
🔅 वार शुक्रवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 05:36 AM
🔅 चन्द्रोदय 03:03 PM
🔅 चन्द्र राशि कन्या
🔅 चन्द्र वास दक्षिण
🔅 सूर्यास्त 07:29 PM
🔅 चन्द्रास्त +02:49 AM
🔅 ऋतु ग्रीष्म

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1944 शुभकृत
🔅 कलि सम्वत 5124
🔅 दिन काल 01:53 PM
🔅 विक्रम सम्वत 2079
🔅 मास अमांत ज्येष्ठ
🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 12:05:31 – 13:01:05
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 08:23 AM – 09:18 AM
🔅 कंटक 01:56 PM – 02:52 PM
🔅 यमघण्ट 05:38 PM – 06:34 PM
🔅 राहु काल 10:49 AM – 12:33 PM
🔅 कुलिक 08:23 AM – 09:18 AM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 03:47 PM – 04:43 PM
🔅 यमगण्ड 04:01 PM – 05:45 PM
🔅 गुलिक काल 07:20 AM – 09:04 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

📜 चोघडिया 📜

🔅चल 05:36:39 – 07:20:49
🔅लाभ 07:20:49 – 09:04:59
🔅अमृत 09:04:59 – 10:49:08
🔅काल 10:49:08 – 12:33:18
🔅शुभ 12:33:18 – 14:17:28
🔅रोग 14:17:28 – 16:01:37
🔅उद्वेग 16:01:37 – 17:45:47
🔅चल 17:45:47 – 19:29:56
🔅रोग 19:29:57 – 20:45:47
🔅काल 20:45:47 – 22:01:37
🔅लाभ 22:01:37 – 23:17:28
🔅उद्वेग 23:17:28 – 24:33:18
🔅शुभ 24:33:18 – 25:49:08
🔅अमृत 25:49:08 – 27:04:59
🔅चल 27:04:59 – 28:20:49
🔅रोग 28:20:49 – 29:36:40

❄️ लग्न तालिका ❄️

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 04:05 AM समाप्त: 06:00 AM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 06:00 AM समाप्त: 08:15 AM

🔅 कर्क चर
शुरू: 08:15 AM समाप्त: 10:36 AM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 10:36 AM समाप्त: 12:53 PM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 12:53 PM समाप्त: 03:09 PM

🔅 तुला चर
शुरू: 03:09 PM समाप्त: 05:28 PM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 05:28 PM समाप्त: 07:47 PM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 07:47 PM समाप्त: 09:51 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 09:51 PM समाप्त: 11:34 PM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 11:34 PM समाप्त: अगले दिन 01:03 AM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 01:03 AM समाप्त: अगले दिन 02:28 AM

🔅 मेष चर
शुरू: अगले दिन 02:28 AM समाप्त: अगले दिन 04:05 AM

*#निर्जला_एकादशी_व्रत—*

धर्मशास्त्रोंके अनुसार स्मार्त्त अर्थात् गृहस्थ आश्रममें स्थित जन हैं तथा वैष्णव वैखानस संन्यास प्राप्त जन हैं।

इस बार द्वादशी क्षय जहां है वहां (स्मार्त्त) गृहस्थियों को दशमी विद्धा एकादशी व्रत करने का निर्देश है। यह 10 जून को दिल्ली, कुरूक्षेत्र,मथुरा आदि (जहां भी द्वादशी क्षय है/सूर्योदय 5:46 से पहले है ) इन स्थलों में निर्जला एकादशी व्रत है।

गृहस्थोंके लिए स्पष्ट निर्देश है कि यदि व्रत पारणा वाले दिन द्वादशी नहीं है तो एकादशी व्रत दशमीविद्धा ही करनी चाहिए।इससे महापातक नष्ट होते हैं –

*द्वादशी स्वल्पमल्पापि*
*यदि न स्यात्परेsह्नि।।*
*दशमीमिश्रिता कार्या*
*महापातकनाशिनी ।।*
……वृद्ध वशिष्ठ

गृहस्थको पारणा द्वादशीमें ही करनी चाहिए। इसलिए गृहस्थ जन 10 जून को निर्जला एकादशी व्रत करके 11 जून को प्रातः 5:46 मिनटके बाद व्रत खोलेंगे।

वैष्णव संयासियों /विधवाओं को द्वादशी-त्र्योदशी युक्त एकादशी को 11 जून को व्रत करना चाहिए।

क्योंकि शास्त्र वचन है कि –
*एकादशी+द्वादशी+त्र्योदशी हो तो ऐसी त्र्यह स्पर्शा एकादशी व्रत पुत्रादि चाहने वाले गृहस्थियों को व्रत नहीं करना चाहिए –*

*एकादशी द्वादशी च रात्रिशेषे त्रयोदशी।*
*त्र्यह:स्पृक् तदहोरात्रं नोपोष्यं तत्सुतार्थिभिः।*
…. पद्मपुराण

*विशेष*—

*गृहस्थोंका निर्जला एकादशीव्रत—*
10 जून शुक्रवारको और

*विरक्त,संन्यासी एवं विधवाओंका एकादशीव्रत—*
11 जून शनिवारको है।

भ्रममें न पड़ें।
🙏🏻🌹 जय श्री कृष्णा, जय सियाराम।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026