






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 जून 2022। श्रीडूंगरगढ़ अंचल में हुई 10 से 12 अंगुल बरसात से बुजुर्ग बच्चे सहित हर वर्ग में उत्साह का संचार हुआ है और प्रकृति में प्रसन्नता छा गयी है। किसानों ने हल सम्भाल लिए है और बाजरे के बीजान प्रारंभ कर दिया है। लोढेरा, उदरासर, लिखमादेसर, आडसर, बिग्गा, उपनी, श्रीडूंगरगढ़ की रोही में बारानी किसानों ने बाजरा बिजाई शुरू कर दी है। वहीं कृषि कुओं पर किसानों ने ग्वार व बाजरा की बिजाई शुरू कर दी है। जेतासर के किसान रेवंतराम व गोपालराम ने बताया कि जेठ माह में बाजरे का बीजान शुभ माना जाता है वहीं मूंग व मोठ के बीजान के लिए अभी किसान इंतजार करेंगे। सगुन शास्त्र के अनुसार मृग नक्षत्र चल रहे है और इस नक्षत्र के बाद ही मूंग मोठ की बिजाई किया जाना अच्छा होता है। उदरासर के रूपदास स्वामी व केशरदेव सोनी ने इस बार अच्छे जमाने की उम्मीद जताते हुए जानकारी दी कि “रोहिणी बरसे, मृग तपे, कुछ अद्रा जाए, कहे घाघ सुने घाघीनि, स्वान भात नहीं खाए।” अर्थात रोहिणी नक्षत्र में बरसात हो तो धान की पैदावार बहुत अधिक होती है जिससे कुत्तों तक का पेट भर जाता है। बिग्गा के रामधन ने बताया कि ग्रामीणों ने हाथ के काम छोड़ कर खेतों की ओर रूख कर लिया है व ट्रेक्टर से बाजरा बिजाई पर प्रारंभ कर दी है। क्षेत्र भर में किसानों को मानसून से बड़ी उम्मीदें है व किसान वर्ग तन मन से कृषि कार्यों में जुट गया है।








