






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 जुलाई 2022। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में शिक्षाविद लीलाधर शर्मा एक ऐसा नाम जिसे सुन कर क्षेत्र के युवाओं के ही नहीं उनके अभिभावकों के मस्तक भी सम्मान में झुक जाते है। श्रीडूंगरगढ़ के राउमावि में शर्मा ने जिस निष्ठा से व्याख्याता पद पर अपनी सेवाएं दी उसी का परिणाम था की प्रधानाचार्य से अधिक उनकी बात विद्यार्थियों पर प्रभाव डालती थी। अपने राजकीय सेवाकाल में ऐसी कई उपलब्धि पाने के बाद शर्मा की गौरवमयी राजकीय सेवा आगामी 30 जुलाई को समाप्त हो जाएगी। लीलाधर शर्मा आगामी 30 जुलाई को स्वेच्छा से सेवामुक्त हो रहें है ओर 2 अगस्त से कस्बे के सृजन स्कूल में मानव सृजन की दिशा में अपने प्रयास शुरू करेंगे। विदित रहे कि क्षेत्र के गांव गुसाईसर बड़ा के मूल निवासी शर्मा की प्रथम नियुक्ति वर्ष 1995 में व्याख्याता हिंदी साहित्य राउमावि दुलचासरके रूप में हुई थी, यहां पर उन्होंने वर्ष 2000 तक सेवाएं दी। वर्ष 2000 से 2015 तक शर्मा ने राउमावि श्रीडूंगरगढ़ में सेवाएं दी और यहां एनएसएस के प्रभारी भी रहें। इस दौरान युवा होते किशोंरो को एनएसएस के माध्यम से देश सेवा व समाज सेवा से जोड़ा। यहां प्रभाव ऐसा रहा कि विद्यार्थी इनके कहें को पूरा करने में जीजान से जुट जाते थे। इसके बाद से शर्मा वर्ष 2015 से 2022 तक राउमावि कितासर में प्रधानाचार्य पद पर उत्कृष्ट सेवाएं दे रहें है। आपने कितासर राउमावि में आपने प्राचार्य के रूप में विद्यालय में संसाधनों के विकास ने नए आयाम स्थापित किये हैं। अब शर्मा 2 अगस्त 2022 को सेवानिवृत होंगे। सदैव विद्यार्थियों के बीच रहने की उनकी मंशा ने उन्हें सरकार की सेवाएं छोड़ने के साथ ही एक नई बगिया सजाने का निर्णय ले लिया है। शर्मा ने बताया कि बच्चे जहां जीवन आदर्श सीख सके वो स्थान शिक्षा के उच्च प्रतिमान को पूरा करने वाला होना चाहिए।
सृजन विद्यालय में करेंगे मानव सृजन
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजकीय प्रधानाचार्य पद पर उत्कृष्ट सेवाएं देने के पश्चात लीलाधर शर्मा श्रीडूंगरगढ़ के सृजन विद्यालय में सेवाएं देंगे। शर्मा ने बताया कि वे पूरा प्रयास करेंगे की आधुनिक शिक्षा के साथ बच्चों में मानवीय जिम्मेदारी से भरा मानव सृजन हो सकें। शर्मा ने कहा कि जीवन को देश, समाज व परिवार के उपयोगी बनाना ही आज की सबसे बड़ी चुनौती है। बच्चों को आधुनिक समय के साथ तालमेल करते हुए भारतीय संस्कारों के प्रति निष्ठा सीखा पाना ही कर्तव्य में शामिल होगा।




