






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 जुलाई 2022। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में इन दिनों राजैनतिक सरगर्मियां जोरों पर है और क्षेत्र में विधायक गिरधारी महिया की सफलता के रूप में मानी जा रही नवसृजित सूडसर उपतहसील इस राजनीतिक सरगर्मी का केंद्र बन गयी है। बुधवार को इसी उपतहसील को लेकर आमने सामने टकराते दो राजनीतिक आयोजन होंगे। गांव सूडसर में होने वाले उपतहसील के उदघाटन समारोह में जहां विधायक समर्थक उपतहसील का जश्न मनाते हुए नजर आएंगे वही दूसरी ओर कांग्रेस की अगुवाई में सूडसर उपतहसील में शामिल करने का विरोध करने कई गांवों के ग्रामीण श्रीडूंगरगढ़ पहुंचेंगे। सूडसर में अस्थाई भवन का रंगरोगन, जीर्णोद्धार कर आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है वही गांव लखासर, समंदसर, बिंझासर, बेनिसर, भोजास, मानकरासर, लौड़ेरा के ग्रामीण कांग्रेस के साथ विरोध प्रदर्शन करने श्रीडूंगरगढ़ कूच कर रहे हैं।
मंत्रियों तक पहुंचा विरोध।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सूडसर उपतहसील में शामिल करने का विरोध बीकानेर आये मुख्यमंत्री के सामने दर्ज करवाया गया था वही अब यह विरोध जिले के मंत्रियों तक भी पहुंचाया जा रहा है। ग्राम पंचायत समंदसर के सरपंच प्रतिनिधि इमिलाल गोदारा ने कैबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज करवाया। गोदारा ने मेघवाल को पत्र देकर समंदसर, लखासर, बिंझासर, बेनिसर, माणकरासर, लौड़ेरा को सूडसर में नही मिलाने ओर श्रीडूंगरगढ़ में ही रहने देने की मांग की है। गोदारा ने इन गांवों से सूडसर की विपरीत भौगोलिक स्थिति, आवागमन की असुविधा, मुख्यालय की दूरी आदि के बारे विस्तार से समझाया ओर त्वरित कार्यवाही करने की मांग की।

घोषणा के साथ ही विरोध शुरू, अब पकड़ा जोर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सूडसर उपतहसील का गठन होने के साथ ही विरोध शुरू हो गया था। पहले क्षेत्र की सबसे बड़ी पंचायत मोमासर ओर उसके आसपास वाले इलाके के लोगो ने उपतहसील बनना अपना हक बताते हुए सूडसर को बनाने पर विरोध जताया था। ओर अब उपतहसील के वर्गीकरण होने के बाद कई गांवों द्वारा विरोध किया जा रहा है। इन गांवों के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों द्वारा सूडसर से आवागमन में होने वाली दिक्कतों के बारे में बताते हुए श्रीडूंगरगढ़ में ही रखने की मांग की जा रही है।




