May 20, 2026
लंपी का बढ़ता कहर, गौवंश के बाद हिरणों में बढ़ा खतरा, तहसीलदार ने गौशालाओं में किया दौरा, दिए निर्देश।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 अगस्त 2022। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में सरकारी आंकड़े भले ही लंपी से मरने वाले गौवंश की संख्या सौ से कम बता रहा हो परंतु धरातल पर एक एक गांव में सौ से अधिक पशु अकाल मौत का शिकार हो गए है। लंपी से पशुपालक आहत हो गए है और मदद की गुहार भी लगा रहें है। पशुपालकों का कहना है कि दुधारू गायों की मौत हो रही है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी बिगड़ रही है। गौवंश में रोकथाम हो नहीं पाई है और क्षेत्र में किसानों का कहना है कि लंपी के कहर की चपेट में अब हिरण भी आ रहें है। गांव मणकरासर में लंपी से हिरण की मौत हो जाने की बात कह रहें किसानों का कहना है कि क्षेत्र में लंपी ग्रस्त हिरण नजर आने लगे है। इसी प्रकार कुछ कुतों में भी लंपी स्कीन रोग जैसे ही लक्षण देखने के दावे भी किए जा रहे है। परंतु पशु पालन विभाग के अधिकारी डॉ उत्तम सिंह भाटी ने आश्वस्त किया है कि लंपी वायरस का ग्राह्य पशु केवल गाय व भैंस ही है ये हिरणों में नहीं आ सकता है। भाटी ने बताया कि इस वायरस के म्यूटेशन संभावनाएं नहीं है और बरसात के मौसम में इस तरह की बिमारी से पीड़ित हिरण पहले भी सामने आते रहें है।
तहसीलदार राजवीर कड़वासरा ने किया गौशालाओं का दौरा, दिए निर्देश।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। तहसीलदार राजवीर कड़वासरा ने पटवारी शंकर जाखड़ के साथ आज श्रीडूंगरगढ़, बिग्गा, बिग्गाबास रामसरा, कितासर, धीरदेसर चोटियान, कुंतासर, लिखमादेसर, ठुकरियासर, जेतासर की गौशालाओं में दौरा किया। राजवीर ने गौशालाओं निरीक्षण कर संचालकों को प्राथमिक उपचार, दवाएं उपलब्ध रखने, लंपी रोग से ग्रस्त पशु को अलग रखने उन्हें पौष्टिक आहार खिलाने का प्रबंध करने के निर्देश दिए। कड़वासरा ने सभी संचालकों को पूरी सतर्कता बरतने की बात कही व पशु चिकित्सकों से सलाह लेने की बात कही।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रशासन पहुंचा क्षेत्र की गौशालाओं में, लंपी के प्रकोप को कम करने का प्रयास।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रशासन पहुंचा क्षेत्र की गौशालाओं में, लंपी के प्रकोप को कम करने का प्रयास।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रशासन पहुंचा क्षेत्र की गौशालाओं में, लंपी के प्रकोप को कम करने का प्रयास।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रशासन पहुंचा क्षेत्र की गौशालाओं में, लंपी के प्रकोप को कम करने का प्रयास।