May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 अगस्त 2022। आजादी के अमृत महोत्सव को श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में ऐतिहासिक रूप से मनाया है। देश के प्रति सम्मान की भावना के कारण आज क्षेत्र में हजारों तिरंगे छतों पर लहरा रहें है। लेकिन 15 अगस्त की शाम ढ़लने के साथ ही पूरे क्षेत्र की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि कहीं भी तिरंग का कोई असम्मान ना हो। सरकार द्वारा हर घर तिरंगा महोत्सव के तहत केवल तीन दिन ही घरों में फहराना था। अब तिरंगा आज शाम को ससम्मान उतार कर रखना है। ध्यान रहें तिरंगा इधर उधर नहीं फेंका जाए और तिरंगे को ससम्मान उतार कर समेट कर रखें। जिससे अगले वर्ष फिर आप इसे अपने घर आंगन में फहरा सकें। इसी प्रकार आप कहीं सार्वजनिक स्थलों पर भी तिरंगा फहराते हुए देखें जिसे कोई संभालने वाला नहीं है या किसी ने वाहनों पर तिरंगा लगा रखा है उसे भी उतरवाएं। विदित रहे कि इस संबध में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स एवं श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित देशभक्ति सांस्कृतिक संध्या में हजारों नागरिकों को श्रीडूंगरगढ़ उपखण्ड अधिकारी डाक्टर दिव्या चौधरी ने यही प्रशिक्षण दिया था। डाक्टर चौधरी के अनुसार 15 अगस्त की शाम के बाद से तिरंगे के प्रति किसी प्रकार को कोई असम्मान आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आएगा।

क्या करें अगर तिरंगा कट, फट गया हो तो, जानें आवश्यक जानकारी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। फहराया गया तिरंगा समय के साथ हवा से या किसी अन्य कारण गंदा हो जाए या फट जाए तो ऐसी स्थिति में निस्तारण बहुत ही सावधानी से करना है। फटे हुए या गंदे हो चुके तिरंगे के निस्तारण के दो तरीके है।

1.गाइडलाइन के अनुसार राष्ट्रीय ध्वज के निस्तारण के दो तरीके हैं। एक दफन करना और दूसरा जलाना। बेहद गंदे या किसी कारण फट गए राष्ट्रीय ध्वज को दफन करने के लिए लकड़ी का ही बॉक्स लेना होगा। इसमें तिरंगे को सम्मानपूर्वक तह लगाकर रखना होगा। फिर बहुत ही साफ स्थल पर जमीन में दफन करना होगा। इसके बाद उस स्थान पर दो मिनट तक मौन खड़े रहना होगा।

2.दूसरा तरीका जलाने की है। इसके लिए साफ स्थान पर लकड़ी रखकर उसमें आग लगानी होगी। अग्नि के मध्य में इसे सम्मानपूर्वक तह लगाकर डालना होगा। किनारे से नहीं। नियम इसलिए बनाए गए हैं क्योंकि राष्ट्रीय ध्वज हमारा गर्व है।