May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 अगस्त 2022। क्षेत्र में नई उपतहसील सूडसर के गठन के बाद कई गांव जो श्रीडूंगरगढ़ सीमा से सटे है और श्रीडूंगरगढ़ से सीधा आवागमन उपलब्ध है ने सूडसर में मिलाए जाने का विरोध प्रारंभ कर दिया। इन गांवो से सूडसर के लिए आवागमन के साधन की उपलब्धता भी न के बराबर है ऐसे में इन गांवों के ग्रामीण श्रीडूंगरगढ़ में ही रखे जाने की बात कह रहें है। लखासर में इस मांग को लेकर संघर्ष समिति के ग्रामीण लगातार 24 दिन से धरने पर बैठे है। आज बरसते बादलों में भी ये घर नहीं गए और अपनी मांग को लेकर दुकानों की ओट में बैठे रहें। ग्रामीण आहत और परेशान होकर लंबा संघर्ष करने का ऐलान भी कर रहें है। बता देवें समदंसर सरपंच ईमीलाल गोदारा, लखासर सरपंच गोवर्धन खिलैरी, नानुजी नैण, जगदीश गोदारा, शंकरलाल भादू मंगलवार को मंत्री गोविंदराम मेघवाल से मिले और मंत्री ने सीएमओ से मिलकर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। समिति के मौजिज ग्रामीण सरकार के मंत्रियों तक आवाज पहुंचा रहें है और सरकार स्तर तक प्रयासों में जुटें है। धरनार्थियों ने कहा कि लखासर हल्का पटवार के गांवो को श्रीडूंगरगढ़ में शामिल नहीं किए जाने तक विरोध जारी रहेगा।  धरने पर तोलाराम जाखड़, रामेश्वर गेट, बजरंग सिंह, धन्नेसिंह, पाबूदान सिंह, मघाराम, लाधुराम, भीखाराम, लक्ष्मण सिंह, राजगर, डूंगरराम, ठाकरराम, हूकमाराम, मोहन सिंह देवङा व आसाराम मौजूद रहे। समंदसर से मांगीलाल गोदारा, नौरतराम, कूनणाराम, शिवकरण, राजूराम, जगदीश, मघाराम, जगदीश सारण, रामकिशन, भागीरथ, मूलतानराम, बिरबल भादू, मोहनराम, खिंयाराम, भंवरलाल, लेखराम, बाबूलाल, नानुराम, परमेश्वर गोदारा, मेघराज तथा मणकरासर से धनाराम, हेतराम, मालसिंह, बेनीसर से उत्तमनाथ, बिंझासर से नानू नैण व सोहन नैण मौजूद रहें।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। संघर्ष समिति के धरनार्थी बरसते बादलों के बीच दुकानों की ओट में बैठे रहें।