






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 अक्टूबर 2022। सरदारशहर रोड की पूर्वी साइड में पालिका की सैंकड़ो बीघा भूमि शेरों से भरे जंगल में एक बकरी के जैसे है। सुरक्षा के अभाव में इसे भूमाफिया सहित अनेक छोटे बड़े भूमि दलाल निगल जाना चाहते है। यह शब्द कस्बे में पदस्थापित एक बड़े प्रशासनिक अधिकारी के थे जब इस भूमि पर कई बार अभियान चलाने के बाद भी लोगों के अतिक्रमण पूर्णतया नहीं हट पाए। यह बात आज के परिप्रेक्ष्य में सही साबित होती नजर आ रही है। क्योंकि भले ही पालिका ने आज तक इस भूमि पर किसी को पट्टा नहीं दिया हो परंतु भूमाफिया ने यहां करोडों के वारे न्यारे कर लिए हैं। श्रीडूंगरगढ़ थाने में दर्ज हुए 2 बीघा भूमि के पट्टे में तो पालिका सक्रिय हो गई और मुकदमा दर्ज करवा चुकी है लेकिन अभी भी मौके पर करोड़ो की भूमि भूमाफियाओं के चंगुल में है। इन अतिक्रमणों पर पैसों का इतना वजन है कि इस ओर शायद ही पालिका या प्रशासन की आंख उघड़ पाएं।
ये गए थे पेन डाउन में।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नगरपालिका में ईओ भवानी शंकर व्यास पर भ्रष्टाचार के बड़े आरोप लगाए गए थे और अभी जिन कार्मिको के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है ये कार्मिक ईओ के खिलाफ पेन डाउन हड़ताल पर गए थे। ऐसे में अब पूरे कस्बे में चर्चा हो रही है कि झगड़ा ईमानदारी का नहीं बल्कि बेईमानी का था और पालिका में पैसे खाने और करोड़ो की पालिका भूमि के बंदर बांट में अपना हिस्सा अधिकतम लेने की जद्दोजहद थी।
यह तो एक प्रकरण नजीर मात्र, आवश्यकता है जांच अभियान चलाने की।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका में निर्माण कार्यों में घोटालों की गूंज तो जयपुर तक सुनाई देती है लेकिन अब प्रशासन शहरों के संग अभियान में करोड़ो रुपये की सरकारी भूमियां भी कौड़ियों के दामों पर निपटाने का नया मामला सामने आया है। पालिका कार्मिको की अंदर की राड़ से यह एक मामला तो सामने आया है लेकिन जरूरत है कि प्रशासन इस पर संज्ञान लेवें और पालिका में अभी तक बने पट्टों का समस्त रिकार्ड मिलान ओर प्रेक्टीकल चेक करवाए जिससे सरकारी भूमि व खजाने को कुछ हद तक बचाया जा सकें। क्योंकि इस अभियान में भी बिना पटवारी रिपोर्ट के पट्टे बना देने, जोहड़ पायतन भूमि, वन विभाग भूमि, गोचर भूमि आदि में भी मनमर्जी से पट्टे बना देने के आरोप जम कर पालिका के खिलाफ लग रहें है जिसकी शिकायतें अधिकारियों को लगातार दी जा रही है।



