






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 अक्टूबर 2022। काश्त के लिए खेत गया एक परिवार जब फसल कटाई के बाद अपने घर पहुंचा तो अपने घर की भूमि पर पड़ौसी का कब्जा देख हैरान हो गया। पीड़ित ने अपने बुजुर्गों की जमीन पर नाजायज रूप से कब्जा करने, अवैध निर्माण करवाने, जातिसूचक गालियां देने, मारपीट करने व कुटरचित दस्तावेज बनवाने का आरोप लगाते हुए तीन जनों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। थानाधिकारी अशोक विश्नोई ने बताया कि गांव रिड़ी निवासी 52 वर्षीय भोमाराम पुत्र किस्तुराराम नायक ने इसी गांव के दीनदयाल उसके पिता दुर्गादत्त ब्राह्मण व रतननाथ पर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है। भोमाराम ने पुलिस को बताया कि उसका पट्टाशुदा रिहायशी भूखंड रिड़ी के वार्ड 10 में स्थित है। मेरी भूमि के पश्चिम में उमादेवी पुत्री पेमाराम जाट का पट्टाशुदा भूमि थी। उमादेवी से उक्त जमीन दीनदयाल पुत्र दुर्गादत्त ब्राह्मण निवासी रिड़ी ने 13 नवम्बर 2017 में खरीद ली। दुर्गादत्त ने 52 फुट की जगह 60 फुट भूमि का कुटरचित दस्तावेज बना लिया और आरोपियों ने मेरी पट्टेशुदा भूखंड की ओर नाजायज कब्जा कर रेवन्तराम पुत्र सोहनलाल सोनी निवासी बाना को बेच दी। हमारा परिवार काश्त के समय खेत में रहता है और इसी बात का फायदा उठाकर दीनदयाल पुत्र दुर्गादत्त ब्राह्मण ने उत्तरी पश्चिमी दिशा की 15*30 वर्गफुट भूमि पर नाजायज रूप से कब्जा कर लिया तथा 15*15 भूमि पर रेवन्तराम सुनार का कब्जा अपने पट्टे की भूमि बताकर कब्जा करवा दिया। जिस पर रेवन्तराम ने हमारी गैर मौजूदगी में 15*15 पर निर्माण करवा लिया। पीड़ित का परिवार 5 अक्टूबर 2022 को घर आए तो रतननाथ हमारी जमीन पर नींव खुदवा रहा था जब उसे ओलमा दिया तो रतननाथ व दुर्गादत्त आवेश में आ गए व गाली गलौच करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। 7 अक्टूबर 2022 की शाम 7.30 बजे से दुर्गादत्त उसका पुत्र दीनदयाल व रतननाथ एकराय होकर आए और जातिसूचक गालियां देने लगे मारपीट की। मौके पर बिशनाराम और गिरधारीलाल ने बीच बचाव कर छुड़वाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सीओ दिनेश कुमार के सुपुर्द कर दी है।



