






श्रीडूंगरगढ टाइम्स 27 दिसम्बर 2022। श्रीडूंगरगढ क्षेत्र में विभिन्न आयोजनों के माध्यम से धर्म की गंगा बह रही है एवं श्रृद्धालू भक्ति रस में लीन हो रहे है। कस्बे के मोमासर बास में गौसेवार्थ भागवत कथा हो या कालूबास में चल रही करणी महिमा कथा हो कस्बे के सत्संग प्रेमी पहुंच कर लाभ उठा रहे है। इसी क्रम में आगामी 31 दिसम्बर से गांव बाना में होने वाली भागवत कथा एवं नानी बाई के मायरे की तैयारियां भी अंतिम दौर में है एवं भक्ति ज्ञान यज्ञ में आहुतिंया देने के लिए आयोजकों द्वारा भक्तों को आमंत्रित किया जा रहा है। आप भी पढ़ें क्षेत्र से तीनों धार्मिक आयोजनों की खबर एवं देखें फोटो एक साथ।
गौसेवा में समर्पण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे के मोमासर बास में स्थित श्रीकरणी गौशाला में गौसेवार्थ आयोजित की जा रही श्रीमद्भागवत कथा कस्बे के गौसेवकों के लिए गौसेवा में समर्पण का माध्यम बन रही है। कथा के चौथे दिन कथावाचक राकेश पारीक ने नरसिंह अवतार के प्रसंग को उल्लेखित किया एवं भक्तों की रक्षा के लिए ईश्वर को हमेशा तत्पर रहने की बात कही। इस दौरान प्रसंग को झांकियो के माध्यम से मंचीत भी किया गया। कथा में बुधवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। कथा के दौरान गौभक्तों द्वारा गायों के लिए सहयोग प्रदान किया गया एवं गौभक्तों द्वारा गौशाला में आश्रित गौवंश के पालन की गौपुत्र बन कर जिम्मेदारी ली जा रही है।

करणी महिमा का वर्णन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे के कालूबास में मूंधड़ा परिवार द्वारा आयोजित की जा रही श्रीकरणी महिमा कथा के दूसरे दिन कथा व्यास करणी प्रताप ने मां करणी के विवाह प्रसंग को उल्लेखित किया एवं मां करणी की महिमा वर्णन करे हुए मां करणी द्वारा पति देपाजी को सिंह पर अष्टभुजा दुर्गा का दर्शन देने वृतांत बताया। कथा के दौरान भजन प्रवाहक किन्नू ने करणी विवाह और विदाई के भजनों की प्रस्तुतियां दी।

भागवत आमंत्रण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। तहसील के गांव बाना में भगवानाराम सोनी परिवार द्वारा आयोजित होने वाली सात दिवसीय भागवत कथा एवं नानी बाई का मायरा कथा आगामी 31 दिसम्बर से 6 जनवरी तक होगी। कथा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है एवं क्षेत्र के भगवतप्रेमियों को आमंत्रण दिया जा रहा है। आयोजन में दंडी स्वामी रामानंद तीर्थ महाराज दोपहर 12.15 बजे से सांय 4.15 बजे तक भागवत वाचन करेगें एवं राधेकिशोरी महाराज सांय 7.30 बजे से रात 10 बजे तक नानी बाई के मायरे का वाचन करेगें। इन दोनों कार्यक्रमों के दौरान पंडीत कैलाश सारस्वत द्वारा संगीतमय भजनों की प्रस्तुतियां भी दी जाएगी। कथा में श्रीडूंगरगढ़ से श्रृद्धालुओं के पहुंचने के लिए बस व्यवस्थाएं की गई है। कस्बे के रानी बाजार स्थित शनि मंदिर से प्रतिदिन 11 बजे एवं पानी की टंकी के पास घूमचक्कर रोड से 11.15 बजे रवाना होगी।




