






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 जनवरी 2023। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के सबसे बड़े गांव और सांस्कृतिक कस्बे के रूप में पहचान रखने वाले मोमासर इन दिनों राजनीतिक खींचतान के चलते चर्चा में है। यहां सीएचसी का नवनिर्माण पुरानी जगह ही करवाने के लिए लामबंद हुए ग्रामीणों के एक धड़े ने गुरुवार से आंदोलन का आगाज कर दिया है और गांव के व्यापारियों ने भी आंदोलन में शामिल होते हुए बाजार बंद की घोषणा की है। विदित रहे कि ग्रामीणों के इस धड़े ने सीएचसी के वर्तमान स्थल पर ही नवनिर्माण शुरू करवाने के लिए 3 दिन पहले प्रशासन को ज्ञापन भी दिया था व तय समय में ही प्रशासन द्वारा निर्माण शुरू नहीं करवाने के विरोध में गुरुवार सुबह 10.30 बजे से सीएचसी भवन के बाहर धरना शुरू कर रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरुवार को दिन भर धरने के बाद भी प्रशासन मांग को गम्भीरता से नहीं लेता है तो शुक्रवार को स्टेट हाइवे पर कूच किया जाएगा। धरने में शामिल होने के लिए बाजार के 150 से अधिक व्यापारियों ने सामुहिक हस्ताक्षरों से बाजार बंद की घोषणा की है।
क्रेडिट की जंग से शुरू विवाद अब जनता के पाले में।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राज्य सरकार द्वारा गत बजट में की गई चिकित्सा घोषणाओं के क्रम में गांव मोमासर में भी 3.65 करोड़ की लागत से नया सीएचसी भवन बनवाने की घोषणा की गई थी। विवाद तभी से शुरू हो गया और वर्तमान विधायक गिरधारीलाल महिया और पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा दोनों के समर्थक अपने अपने नेता द्वारा प्रयास कर गांव को यह सौगात दिलवाने की बात कही गई। बड़े बड़े विज्ञापन भी लगे और साथ ही शुरू हो गया सीएचसी के बनने, बनवाने का विवाद। इसी राजनीतिक प्रतिद्वंदता से शुरू हुआ और अब जनता के पाले में पहुंच चुका है। अब ग्रामीण राजनैतिक गुटबाजियो से अलग होकर सीएचसी के पुराने स्थल पर ही रहने और नए स्थल पर स्थानांतरित होने के नफा नुकसान तोल रहे है। ग्रामीण राजैनतिक गुट छोड़ कर अपने अपने हिसाब से अलग अलग धड़ो में शामिल हो रहे है और अपनी आवाज बुलंद कर रहे है।
7 माह पहले टेंडर, निर्माण खटाई में।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मोमासर में सीएचसी निर्माण के लिए करीब 7 माह पहले टेंडर हो चुके थे और यह टेंडर पुराने स्थल पर ही निर्माण के हुए थे। लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों को डर है कि अगले बजट से पहले कार्य शुरू नहीं हुआ तो कहीं बजट लेप्स ना हो जाये। ऐसे में अनेक मौजिज ग्रामीण जनहित में निर्णय लेने व शीघ्र निर्माण की मांग कर रहें है।



