






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 मार्च 2025। आगामी 25 से 27 मार्च को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशालय तथा कृषि विभाग (आत्मा) बीकानेर के संयुक्त तत्वाधान में किसान मेले का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय किसान मेले में आत्मा परियोजना के तहत पुरस्कार हेतु चयनित प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया जाएगा। इसमें जिलेभर से 24 किसान सम्मानित होंगे जिनमें श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव सातलेरा के किसान नंदलाल पुत्र मुरलीधर शर्मा को उन्नत कृषि के लिए सम्मानित किया जाएगा। नंदलाल ने बताया कि उनके पिता के नाम 115 बीघा कृषि भूमि है जिसमें उन्होंने पूर्णतया सुरक्षित डिग्गी का निर्माण करवाया है। वहीं 4 बीघा में ड्रिप सिस्टम से अनार के 1000 पौधे लगाए है। नंदलाल ने पहली बार खेत में 50 बीघा में जीरे की खेती कि है जिससे 50 क्विंटल से अधिक जीरा उत्पादन की उम्मीद किसान परिवार को है। 2 हेक्टेयर में धाना की फसल भी ले रहें है। नंदलाल को कृषि में उन्नत तकनीक अपनाने के लिए विभागीय सम्मानित किया जा रहा है। हालांकि नंदलाल ने बताया कि अनार की खेती से किसान को इस भूमि में लाभ मुश्किल ही है। यहां अनार तोड़ने के बाद लागत कीमत 35 से 40 रूपए प्रति किलो पड़ती है और मंडी में भी इसी भाव किसान से ली जा रही है। इसपर अनार फट जाने के कारण भी भाव नहीं मिल पाते है। नंदलाल ने बताया कि वे कृषि विशेषज्ञों की सलाह से इस दिशा में प्रयास कर रहें है।
“नंदू की डिग्गी” बनी चर्चा का विषय।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र में नंदू की डिग्गी की चर्चा का विषय बन गई है। आस पास के किसान व काश्तकार डिग्गी देखने व डिग्गी का सिस्टम देखने उनके खेत पहुंचते है। नंदलाल ने टाइम्स को बताया कि सुरक्षा के सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए डिग्गी का निर्माण करवाया गया है। उनके खेत में 165*115 की 30 फुट गहराई वाली बड़ी डिग्गी बनाई गई है। एक स्वीच ऑन करने के साथ ही डिग्गी से फसलों में सिंचाई प्रारंभ हो जाती है। नंदलाल ने विशालकाय डिग्गी को जाली से पैक कर दिया और काश्तकार की सुरक्षा के लिए बीच में एक 10” पाईप लगाया गया है, डिग्गी के कोने के पास 27 बिलिया लगाकर 32 फुट गहरी एक कुई बनाई गई है। एक बुस्टर लगाकर डिग्गी से पानी सप्लाई प्रारंभ की गई है। डिग्गी के पास जाने आदमी के जाने का काम ही नहीं है। वे सुरक्षा के लिए बरसात के मौसम में डिग्गी को कुछ खाली रखते है।
बिना किसी सरकारी सहायता के किया निर्माण, क्षेत्र के किसानों को भी मिले अनुदान का लाभ।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नंदलाल शर्मा की डिग्गी निर्माण में साढे सात से आठ लाख रूपए तक का खर्च आया है। बिना किसी सब्सिडी के शर्मा ने इस डिग्गी का निर्माण अपने ही स्तर पर करवाया है। बता देवें डिग्गी निर्माण के लिए केवल नहरी क्षेत्र में सब्सिडी मिलने के कारण क्षेत्र के किसान सरकारी सहायता से वंचित है। वहीं भूमिगत जल स्तर लगातार और अधिक गहरे होने के कारण प्राय: सभी खेतों में सिंचाई के लिए डिग्गी की जरूरत खड़ी हो गई है। किसानों ने बताया कि सब्सिडी नहीं होने के कारण किसान कच्ची डिग्गियों का निर्माण करवाते है जिससे अनेक बार दुर्घटनाएं हो जाती है जिनमें मानव जीवन की हानि भी हो जाती है। किसान लगातार क्षेत्र के किसानों को नहरी क्षेत्र की तरह ही डिग्गी निर्माण के लिए सरकारी अनुदान दिए जाने की मांग कर रहें है। सरकार से आस है और इसके लिये स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा है कि वे प्रयास करें जिससे क्षेत्र का किसान भी डिग्गी अनुदान में हिस्सा पा सकें।
मेले की तैयारियों में जुटें विभाग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विश्वविद्यालय कुलपति डॉ अरूण कुमार, प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. नीना सरीन, अधिष्ठाता सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय डॉ. विमला डुकवाल, प्रभारी स्वामी विवेकानन्द कृषि संग्राहलय डॉ. सुभाष बलवदा सहित कृषि विभाग के अधिकारी मेला आयोजन की तैयारियों में जुटे है। परियोजना निदेशक (आत्मा) ममता ने बताया कि तीन दिवसीय किसान मेले में आत्मा परियोजना के तहत पुरस्कार हेतु चयनित प्रगतिशील किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किये जाएंगे। कृषि अधिकारी उद्यान मुकेश गहलोत ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारी तीन दिवसीय मेले में किसानों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। फल, सब्जी, पुष्प, पशुधन तथा महिलाओं हेतु आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रगतिशील किसानों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। विभाग की उपनिदेशक रेणु वर्मा, रामकिशोर मेहरा, सहायक निदेशक सुरेन्द्र मारू, मीनाक्षी शर्मा, राजूराम डोगीवाल, श्रीडूंगरगढ़ के रघुवर दयाल सुथार, सोमेश तंवर कृषि विभागीय अधिकारी रमेश चन्द्र भाम्भू, राकेश विश्नोई, राजेश विश्नोई, सुभाषचंद्र, बलराम स्वामी, हितेश, सन्देश पुरोहित सहित अन्य अधिकारी मेला आयोजन में किसानों की भागीदारी के प्रयासों में जुटे है।





