






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 फरवरी 2021। श्रीडूंगरगढ़ पालिकाध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल नेता एक अनार सौ बीमार वाली कहावत को साबित कर रहे है। यहां पर भाजपा के जीते हुए 23 पार्षदों में से नौ पार्षद सामान्य वर्ग से आते है। इन नौ में सामान्य वर्ग की तीन महिलाएं भी शामिल है। सामान्य वर्ग के लिए होने के कारण जहां ये सभी नौ पार्षद अपने अपने स्तर पर पालिकाध्यक्ष बनने के सपने संजो रहे है एवं इनमें से पुराने व अनुभवी तो अपनी अपनी जैक भी लगाने में जुटे हुए है। लेकिन मजे की बात यह है कि सामान्य सीट होने का मतलब यह नहीं होता कि केवल सामान्य वर्ग का ही पालिकाध्यक्ष बनेगा बल्कि सामान्य सीट का मतलब यह है कि किसी भी वर्ग का हो या चाहे महिला-पुरूष कोई भी हो वह व्यक्ति जो बहुमत हासिल कर लेता है तो पालिकाध्यक्ष बन सकता है। ऐसे में इन नौ पार्षदों के अलावा भी भाजपा के दिग्गज ओबीसी नेता भी पालिकाध्यक्ष की दौड़ में शामिल है। भाजपा में कई पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके पार्षद विनोद गिरी गुंसाई लगातार 5वीं बार पार्षद बन कर पालिका में पहुंचें है। ऐसे में अगर अनुभव के आधार पर देखा जाए तो पालिकाध्यक्ष पद के लिए गुंसाई की दावेदारी सबसे ज्यादा मजबूत मानी जा रही है। इसी प्रकार भाजपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल सुथार के पुत्र होने के कारण पार्षद भरत सुथार को भी पालिकाध्यक्ष पद का दावेदार माना जा रहा है। सामान्य वर्ग में वयोवृद्ध पार्षद जगदीश पुरोहित के पुत्र श्यामसुंदर भी भाजपा में मंडल स्तर पर कई पदों पर पार्टी में सेवाएं दे चुके है एवं चौथी बार पार्षदी करने वाले मानमल शर्मा खुद के मंडल अध्यक्ष आदि पदों पर रहने के कारण खुद की दावेदारी के लिए लॉबिंग करने में जुटे हुए है। इनके अतिरिक्त सामान्य वर्ग की महिला पार्षद प्रीति शर्मा अपने समाजसेवी ससुर जुगलकिशोर तावणियां के कारण इस दौड़ में सबसे आगे खड़ी नजर आ रही है और पूर्व पालिकाध्यक्ष रामेश्वरलाल पारीक के भाई अरूण पारीक जो लगातार पार्षदी करते आ रहे है उनका दावा भी सामान्य वर्ग में सबसे मजबूत है। इनके अलावा सामान्य वर्ग में ही शामिल विक्रमसिंह शेखावत, परसराम/रामसिंह राजपुरोहित, पूजा सारस्वत, रजत आसोपा ये चारों एकदम युवा है परन्तु अध्यक्ष पद के स्वप्न इन्हें भी आ ही रहे है।



