May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 अगस्त 2025। एडीजे कोर्ट श्रीडूंगरगढ़ में न्यायाधीश सरिता नौशाद ने हत्या के आरोप में नौ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर लोक अभियोजक सोहननाथ सिद्ध ने जानकारी देते हुए बताया कि 2009 के हत्या के मामले में कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद तथ्यों व सबूतों के आधार पर नौ जनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। परिवादी सूडसर निवासी जगदीश पुत्र सुरजाराम के वकील एडवोकेट बाबूलाल दर्जी ने पूर मामले की पैरवी की, दर्जी ने बताया कि 25 मई 2009 की रात करीब एक बजे खेत की ढाणी में सोते हुए पर हमला कर सुरजाराम जाट व उनकी बहन के बेटा भानजा मघाराम की हत्या कर दी। वहीं हत्या के आरोपी गोपालराम पुत्र सुगनाराम, नंदराम पुत्र लिखमाराम, लाछीदेवी पत्नी लिखमाराम, भगवानाराम पुत्र लिखमाराम, रामप्रताप पुत्र गोपालराम, गोमती पत्नी गोपालराम, हुक्माराम पुत्र गोपालराम, निवासी सूडसर तथा श्रीराम व हीराराम पुत्र सुगनाराम निवासी ठुकरियासर को सजा सुनाई गई है।
जमीन के झगड़े में पूरा परिवार सलाखों के पीछे।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जमीन के झगड़े में एक ही परिवार के बीच हुए आपसी विवाद ने रात के अंधेरे में अपनों के ही खून से हाथ रंग लिए। परिवादी जगदीश जाट के पिता सुरजाराम व मघाराम, परिवादी की माँ व छोटी बहन सभी ढाणी में सो रहे थे। तभी परिवादी के ताऊ गोपालराम व उसके लड़के रामप्रताप, हुक्मचंद, तथा भगवानाराम व नंदराम पुत्र लिखमाराम, लिखमाराम की पत्नी, श्रीराम पुत्र सुगनाराम व दो तीन अन्य ढाणी में घुसे और लाठी व सरियों से मारपीट की। जिससे घायल सुरजाराम की बीकानेर ले जाने के दौरान व कुछ दिनों बाद ईलाज के दौरान मघाराम की भी मौत हो गई व परिवादी सहित अन्य भी घायल हुए। रात को नींद में जान से मारने और अन्य को मारने के प्रयास में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस जांच, गवाहों और सबूतों के आधार पर आज कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाते हुए परिवार की ही दो महिलाओं, उनके बेटों सहित सभी 9 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।