






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 अक्टूबर 2023। भोग विषय का आनंद तो सभी जीव-योनियों को सुलभ है, लेकिन ब्रह्मानंद केवल मनुष्य-जन्म में ही प्राप्त किया जा सकता है। क्योंकि अन्य योनियां मात्र भोग-योनियां हैं और मनुष्य-योनि में ज्ञान, कर्म, भक्ति और योग-साधना का तप सब-कुछ सहज ही संभव है। अतः सत्कर्मों से मानव-जन्म सफल बनाना चाहिए। ये बात कालूबास में आयोजित भागवत कथा सुनाते हुए नागौर के पंडित अक्षय अनंत गौड़ ने व्यक्त किए। भागवत कथा के तीसरे दिन की कथा में दक्ष प्रजापति के यज्ञ में शिव के अपमान से दु:खी सती के आत्मदाह और दक्ष-यज्ञ विध्वंस की कथा, स्वायंभुव मनु की पुत्री देवहुति वह कर्दम मुनि के पुत्र कपिल मुनि की कथा, भागीरथी गंगा और भक्त ध्रुव की कथा, जड़ भरत की कथा और अजामिल के उद्धार की कथा के साथ ही भक्त प्रह्लाद की संगीतमय नाट्याभिनय सहित अनेक कथाएं सुनाईं। भागवत कथा के आयोजकों द्वारा कथा के दौरान विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही है। यहां भागवत कथा का वाचन 21 अक्टूबर तक नियमित दोपहर 1 से 5 बजे तक हो रहा है।




