






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 नवबंर 2024। श्रीडूंगरगढ़ से विशेष खबर में पढें किस प्रकार एक बैंक की लापरवाही का ग्राहक ने आरबीआई के द्वारा बैंक से हजारों का हर्जाना वसूल किया। इस प्रकरण से बैंक के उपभोक्ता सीख लेकर बैंकों से लेन देन के मामले में सतर्क रहें व जागरूक होवें। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे के नागरिक विजय कुमार धनवानी को आरबीआई की दखल से बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा, श्रीडूंगरगढ़ ने 20 हजार रूपए नगदी का हर्जाना दिलवाया गया है।
धनवानी ने टाइम्स को बताया कि 12 फरवरी 2019 को उन्होंने बैंक आफ बड़ौदा, श्रीडूंगरगढ़ से एसजीबी (सॉवरेन गोल्ड बॉण्ड) खरीदा, जिसकी 8 वर्षों में मेच्योरिटी की तिथि होती है। परंतु 5 साल बाद ग्राहक उसे भुनवा सकते है। ग्राहक को इसे भुनवाने के लिए जिस बैंक में एसजीबी बॉन्ड खरीदा है उस संबंधित शाखा को कम से कम 30 दिन पूर्व प्रार्थना पत्र लिखकर देना होता है। विदित रहें आरबीआई कि विंडो साल में दो बार ही खुलती है जिसका ब्याज 2.50% प्रति छह माह में बचत खाते में अपने आप चला जाता है। धनवानी ने गाइडलाइन के अनुसार जनवरी 2024 में इस बॉन्ड को भुनाने के लिए आवेदन दिया। जिसकी ब्याज राशि 13 फरवरी 2024 को बचत खाते में क्रेडिट होना था लेकिन शाखा बैंक आगे की कार्रवाई करने में विफल रही। इस चुक के बाद धनवानी ने बैंक अधिकारियों से संपर्क किया। तो उन्होंने बैंक ने छह माह की मोहलत देने की बात कही और 12 अगस्त 2024 को विंडो खुलने पर भुगतान दिलवाने का वादा किया। धनवानी ने बताया कि बैंक की चुक को अनदेखा कर छह माह का समय दिया। उपभोक्ता ने 9 अगस्त 2024 को बैंक अधिकारी को फोन कर मामले को संज्ञान में रखने का आग्रह करते हुए अपना भुगतान करवाने की बात कही। परंतु इस बार भी बैंक की लापरवाही रही और तिथि चुक गई। आरबीआई की खिड़की खुलने पर उन्हें भुगतान नहीं किया गया। इस पर नाराज हुए विजय कुमार धनवानी ने आरबीआई की गाइड लाइन के अनुसार स्टेप टू स्टेप लिखित कागजी कार्रवाई प्रारंभ की। उन्होंने आरबीआई लोकपाल को पत्र लिखा। उनका मामला आरबीआई लोकपाल की शिमला ब्रांच को दिया गया। लगातार कागजी कार्रवाई हुई लोकपाल शिमला ने मामले की पूरी जांच की। इसमें बैंक ऑफ बड़ौदा का दोषी मानते हुए आरबीआई के शिमला लोकपाल ने बैंक को विजय कुमार धनवानी को दी गई मानसिक प्रताड़ना के संबंध में 20 हजार रूपएं का हर्जाना देने का आदेश दिया। धनवानी ने बताया कि बैंक द्वारा 14 नवंबर 2024 को उनके अकांउट में राशि भेज दी गई है। आरबीआई लोकपाल व जयपुर प्रबंधक ने खेद जताते हुए उनकी भावनाओं को सम्मान देने की बात कही। इसी बैंक द्वारा एक बार धनवानी को बैंक से 21,007 रूपए नगदी अधिक दे दिए जाने पर लौटाने के बाद बैंक ने उनकी ईमानदारी के लिए सम्मान पत्र दिया। धनवानी ने बताया कि बैंक की वित्तीय सेवाओं का उपभोग करने के लिए भी ग्राहक को जागरूक होना चाहिए अन्यथा गफलत व लापरवाही में बैंकों व उनकी बेपरवाह कार्यशैली के कारण ग्राहकों को कई बार नुकसान उठाना पड़ता है। अधिकतर लोग इसपर ध्यान नहीं देते परंतु ग्राहकों को अपने नुकसान के प्रति जागरूक होकर सही समय पर सही जगह पर शिकायत करना व कागजी कार्रवाई किए जाने पर उचित मुआवजा भी आरबीआई द्वारा दिलवाया जाता है।
प्रकरण की चर्चा, मदद के लिए तैयार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विजय कुमार धनवानी को 20 हजार रूपए हर्जाना मिलने पर इस प्रकरण की चर्चा कस्बे के बाजार में हो रही है। लोग धनवानी को फोन कर अपनी वित्तीय बैंक समस्याओं में परामर्श भी ले रहें है। धनवानी ने बताया कि कोई ग्राहक बैंक सेवाओं में परेशान हो रहें है तो वे उन्हें नि:शुल्क परामर्श देने के लिए तैयार है। उपभोक्ता 8561923113 पर संपर्क कर प्राप्त कर सकते है।




