






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 अप्रैल 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र अब देश भर में पोटाश खनन का पहला क्षेत्र शीघ्र ही बनने वाला है। क्षेत्र के गांव लखासर में निकलने वाले इस खनिज का देश के विकास में खासी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यहां चल रहे खनन अनुसंधान कार्य में लगातार सकारात्मक परिणाम मिल रहें है और जल्द ही यहां खनन शुरू हो सकेगा। यह बात केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने मंगलवार रात्रि को पोटाश खनन कुओं के अवलोकन के बाद कही है। मेघवाल ने बताया कि वर्तमान में कांच, फर्टिलाइजर, पटाखों व अन्य सैन्य उत्पादनों में पोटाश की सर्वाधिक भूमिका होती है। वर्तमान में देश इसके लिए पूरी तरह से आयात पर ही निर्भर है। ऐसे में लखासर में अगर उत्पादन शुरू हो जाए तो देश की आवश्यकता का शत प्रतिशत पोटाश का खनन यहीं पर हो सकेगा और देश के विकास में क्षेत्र की भूमिका अति महत्वपूर्ण हो जाएगी। मेघवाल ने बताया कि सरकार इस दिशा में गंभीर है एवं लगातार मॉनिटरिंग के साथ कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। अवलोकन के दौरान एमईसीएल के अधिकारियों ने यहां के अंतिम दौर के अनुसंधान के परिणामों को सकारात्मक बताया एवं जल्द ही यहां पर 15 कुंओं के माध्यम से जमीन के 700 मीटर अंदर से पानी में घोल कर पोटाश बाहर निकालने की प्रक्रिया संभव हो सकेगी। इस निरीक्षण के दौरान विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, भाजपा ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष विनोद गिरी गुंसाई, डॉ चंद्रप्रकाश बारूपाल, श्रीराम तर्ड, पार्षद भरत सुथार आदि भी मौजूद रहे। क्षेत्र के सभी नेताओं ने इस पोटाश खनन से क्षेत्र के विकास की असीम संभावनाएं होने की बात कही एवं करीब चार दशकों से ठंडे बस्ते में पड़े इस प्रोजेक्ट को गंभीरता से शुरू करवाने पर केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल का आभार भी जताया।





