May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 सितंबर 2024। भारत में (डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट, 2015) के अनुसार बड़ी संख्या में हर साल लोग एनसीडी (हृदय और फेफड़ों के रोग, स्ट्रोक, कैंसर और मधुमेह) से मरते हैं, दूसरे शब्दों में कहें तो 70 वर्ष की आयु तक पहुंचने से पहले एनसीडी का खतरा लगातार बढ़ रहा है। हृदय रोग, कैंसर, पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियाँ, मधुमेह और अन्य एनसीडी जैसी एनसीडी के बारे में अनुमान है कि ये मृत्यु के प्रमुख कारण बनती जा रही हैं। शहरीकरण व बदलती जीवनशैली के कारण हृदय रोग, स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप और मधुमेह से संबंधित असामयिक मौतों के कारण होने वाले नुकसान से आने वाले वर्षों में वृद्धि होने का अनुमान है। ये बात जिला प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मुकेश जनागल ने उपजिला अस्पताल में आयोजित ब्लॅाक स्तरीय बैठक में कही। डॉ मुकेश ने एनसीडी बीमारियों के प्रति आमजन को जागरूक करने व एनसीडी कार्यक्रम में चिकित्सा संस्थानवार स्क्रीनिंग करने, पेशेंट फॉलोअप लेने पर जोर दिया। उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रम में प्रत्येक उपकेंद्र कार्मिक को 2 पुरूष व 10 महिला नसबंदी का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य करने की बात कही। बैठक में बीसीएमओ डॉ राजीव सोनी ने विभिन्न योजनाओं की चर्चा करते हुए समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए। बकाया आयुष्मान कार्ड वितरण करने, टीबी सर्वे द्वारा एक्टिव केस सर्च अभियान को सफल बनाने के माइक्रोप्लान बनाकर कार्य करने की बात कही। दोनों अधिकारियों ने मौसमी बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए रोकथाम के प्रयास करने की बात कही। आरसीएच गतिविधियों के अंतर्गत 12 सप्ताह में एएनसी पंजीकरण करने, संस्थागत प्रसव व पूर्ण टीकाकरण की शत प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिए। ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर राकेश थालोर ने स्वास्थ्य सूचकांकों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में सभी सेक्टर के चिकित्सा प्रभारी, एसएचएस, एएनएम आदि कार्मिकगण मौजूद रहें।