






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 नवबंर 2023। श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा चुनाव में प्रचार थम गया है एवं नेताओं ने भी अपनी-अपनी और से तैयारियां पूरी कर ली है। क्षेत्र में मन-मंथन-मतदान का दौर शुरू हो गया है। दौर नेताओं द्वारा हार जीत के समीकरण सेट करने का मंथन, जनता द्वारा नेता चुनने का मन में मंथन, प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण अधिकतम मतदान संपन्न करवाने का मंथन अब देखने को मिल रहा है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के चुनावों की फ़िजा इस बार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषकों को भी कड़ी टक्कर दे रही है। यहां अब तक के चुनावों की आबो-हवा पर नजर रखने वाले सभी वरिष्ठों की राय है कि श्रीडूंगरगढ़ के चुनावों में कड़ी टक्कर है। एक विचार ये भी है ये टक्कर ऊपरी तौर पर ही है अंदरखाने तो परिणाम एक मुख्य प्रत्याशी को बड़ी मात देगा। बहरहाल तीनों बड़े नेताओं सहित तीन युवा नेताओं ने अपनी पूरी शिद्दत से प्रचार का मैदान जमाया और अब खेल अब जनता के पाले में है। नेताओं के मन में भी इस आबो-हवा का अंदेशा लगाने का मंथन जारी है। जनता के इस आत्ममुखी रूख के कारण चिक्करघिन्नी बने विश्लेषकों के मन का मंथन भी जबरदस्त रूप से जारी है। प्रायः हर गांव से चर्चाएं आ रही है कि ऐसा वैसा क्या लग रहा है.? ऐसे में नेताओं और विश्लेषकों के मंथन की दिशा ओर गाढ़ी हो गई है। नेताओं के पास आज और कल की दो रातें इस मंथन के लिए शेष है और इन दो रातों में समीकरण पक्ष विपक्ष में करने के पूरजोर प्रयास भी होंगे। अनेकों गुप्तचरों के मंथन भी सामने आएंगे और उनपर त्वरित एक्शन भी होंगे। प्रशासन शांतिपूर्ण चुनाव करवाने के मंथन में उलझा है वहीं असली मंथन जनता के मन में हो रहा है।
हर मतदाता गुजर रहा है मन-मंथन-मतदान के दौर से।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। देखा गया है कि अक्सर लोग सोचते है कि मैं कौन हूं.? और उत्तर में संभवत स्वयं के नाम, परिवार से मिली पहचान के अतिरिक्त अपने कर्म, क्षेत्र, भाषा, धर्म की पहचान के रूप में खोज करते हो। अब जब हम 21वीं सदी और 75 वर्ष के परिपक्व लोकतंत्र में प्रवेश कर रहें है तब मतदाता के मन में मतदान का मंथन भी जरूर होना ही चाहिए। जो क्षेत्र में रसूखदार है वे सभी कुछ कहने से हिचकिचाहट में है। क्योंकि कांटे की टक्कर में कोई बयान नफा नुकसान कर सकता है और जनता के मन आंगन में विकास, संघर्ष, सेवा, साथ, सम्पर्क, विचार सहित अनेकों अनेकों मंथन घूम रहें है। अब जब चुनाव में प्रचार का शोर थम गया है वहीं मन में शोर प्रारंभ हो गया। जो भी हो इस बार के उलझे हुए चुनावी मंथन में एक बात है जो यहां के बड़े नेताओं में नजर आई, वह है उनका धैर्य, इस चुनाव में कई प्रकरण ऐसे भी सामने आए जब इन नेताओं को उकसाने के प्रयास भी हुए। नेताओं के इस धैर्य की मीडियाकर्मियों सहित वरिष्ठ लोगों के बीच चर्चा रही और क्षेत्र के सदभावपूर्ण चुनाव की सराहना भी खूब हुई है। 25 नवबंर की सुबह तक ये मन-मंथन-मतदान जारी रहेगा और वह मतपेटी में अपना मत बंद करवाने तक लगातार होगा। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स अपने सभी पाठकों से यह अपील करता है कि सुने अपने मन की और मनाएं लोकतंत्र का पर्व हर्ष उल्लास के बीच धैर्य और साहस के साथ शत प्रतिशत मतदान करके।



