






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 मई 2022। एक ओर तो सरकार सुरक्षित यात्रा के लिए यातायात नियमों को कड़ा कर रही है और पालना नहीं होने पर जुर्माना भी वसूल कर रही है वहीं दूसरी ओर निजी वाहन संचालन पर प्रशासन नजर डालना भी मुनासिब नहीं मानता। श्रीडूंगरगढ में नित्य चल रही ओवर लोडेड गाड़ियां यात्रियों की जान से खिलवाड़ ही नहीं जबरदस्त लापरवाही दर्शाती है। यात्रियों की जान की परवाह किए बिना बस संचालक इन बसों के अंदर यात्री ढूंस लेने के बाद उन्हें छतों पर भी चढ़ा देते है। समय व सुविधा, साधनों की कमी के चलते लोग अपनी जान की परवाह किए बिना सफर पूरा करने को तैयार हो जाते है। तो अब श्रीडूंगरगढ़ से बीदासर मार्ग पर ऐसा करने वालों के लिए खतरा बढ़ गया है जो उनकी जान पर भारी पड़ सकता है।
अब जाने कैसे बढ़ गया है खतरा.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रतनगढ़ से बेनीसर के बीच रेल लाइनों का विद्युतीकरण का काम काफी तेजी से हो रहा है और इसके साथ ही यहां खतरा बढ़ गया है। जागरूकता के अभाव में ये बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकता है। इस रेलवे विद्युत लाइन में 4000 वोल्टेज का करंट दौड़ रहा है तथा खतरा इसके नीचे से गुजरने वाली ओवर लोड बसों को तथा इन बसों की छतों पर बैठे यात्रियों की जान को है। स्टेशन अधीक्षक राजेन्द्र सोनी ने बताया कि बस संचालकों की ये लापरवाही पूरे क्षेत्र के लिए भंयकर भूल साबित हो सकती है। अगर कोई यात्री गलती से इस तार को छू गया तो नतीजा नजे भुलाने वाला हो सकता है। सोनी ने बताया कि ये गफलत तुरंत बंद होनी चाहिए जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सकें। सोनी के निर्देशों पर यहां तैनात रेलवे कर्मचारी लगातार बस संचालकों व नागरिकों को सचेत कर रहें है। रेलवे फाटक पर तैनात रेलकर्मी राजेन्द्र कुमार सैनी व ओमप्रकाश पांडिया ने बताया कि बार बार बस चालकों को आगाह किया जा रहा है पर वे टस से मस नहीं हो रहें है और रोजाना सुबह-शाम ओवरलोड बसें दौड़ा रहें है।
कितना है खतरा.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सर्वप्रथम सरकार द्वारा बसों की छतों पर बैठना ही नियम विरुद्ध है। परंतु फिर भी आप जान लेवें कि इस लाइन का खतरा कितना भयानक है। विद्युत विभाग के एईएन हरिराम सिद्ध ने बताया कि घरों में बिजली सप्लाई 220 से 240 वोल्टेज तक होती है। 250 वोल्टेज में घरेलू उपकरण फाल्ट हो जाते है वहीं अगर 4000 हजार वोल्टेज की लाइन कहीं छू जाने के साथ अर्थ हो जाए तो उसमें कुछ नहीं बचेगा। कुछ ही सैंकड में सब कुछ कोयला हो जाएगा।
जागरूक नागरिकों में चर्चा का विषय।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र के जागरूक नागरिक बसों की छतों पर बैठे होने की शिकायत करने और पुलिस द्वारा कार्रवाई कर इन्हें रोकने की चर्चा कर रहें है। इन नागरिकों की राय है कि पुलिस ट्रैफिक कंट्रोलर की नजर से बच कर ये वाहन नहीं चल सकते है। इनका कहना है कि बीदासर मार्ग पर विशेष ध्यान देकर ऐसी बसों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। ये बस संचालक भी मानव जीवन से खिलवाड़ करने से बाज आए और बस की छत पर किसी को बिठाने पर सख्त पाबंदी लगा देवें।







