






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 मार्च 2023। बीकानेर-दिल्ली, बीकानेर-जयपुर, बीकानेर-सुजानगढ़, लूणकरणसर-सुजानगढ़ के मार्ग की मुख्य सड़कों का केन्द्र श्रीडूंगरगढ़ होने के कारण यहां के निवासियों को सार्वजनिक आवागमन के लिए बसों की सुविधा भरपूर मिल रही है। परंतु एक अदद बस स्टैण्ड नहीं होना श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में आने जाने की वाले हजारों यात्रियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। स्थाई बस स्टैण्ड के नहीं होने से क्षेत्र में अनेक संगठन, राजनीतिक लोग लंबे समय से प्रयासरत रहें। इसी बजट में श्रीडूंगरगढ़ घूमचक्कर पर बस स्टैण्ड की घोषणा हुई तो क्षेत्र के यात्रियों को राहत की उम्मीद बंधी। लेकिन अभी भी यह राहत आंशिक बनकर समस्या जस के तस खड़ी रहने वाली नजर आने लगी है। क्योंकि जनता के नजरिए ये यह घोषणा एक ऐसे बस स्टैण्ड की है जिसमें रोड़वेज व प्राईवेट, लोकल व स्लीपर सभी प्रकार की बसें रूक सकें। लेकिन सरकारी नजरिए में यह बस स्टैण्ड केवल रोड़वेज तक ही सिमित होता नजर आ रहा है। ऐसे में क्षेत्रवासी आंशकित है कि लंबे इंतजार के बाद समस्या दूर होने की उम्मीद कहीं अधूरी ना रह जाए। आवश्यकता है कि क्षेत्र की जनता, प्रशासनिक अधिकारी एवं नेता जागे और क्षेत्र की इस बड़ी समस्या का समाधान करवाने के लिए इस मौके को अधूरा ही ना छोड़ दे।
रोड़वेज ने मांगी केवल तीन बीघा भूमि।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राज्य सरकार द्वारा घूमचक्कर पर बस स्टैण्ड की घोषणा को मूर्त रूप देने के बढ़ते कदम के अगले चरण में रोड़वेज ने स्थानीय प्रशासन को पत्र भेज कर बस स्टैण्ड के लिए तीन बीघा भूमि का आंवटन प्रस्ताव देने की मांग की है। लेकिन रोड़वेज के पत्र में यह बस स्टैण्ड़ केवल रोड़वेज के नाम से ही अधिकृत होगा। ऐसे में आए दिन देखने को मिलता है कि सरकारों व अधिकारियों के आदेशों के बाद भी रोड़वेज कर्मचारी यूनियनों द्वारा रोड़वेज बस स्टैण्ड का उपयोग निजी बसों के ठहराव के लिए नहीं करने दिया जाता है।
विधायक द्वारा उठाई गई मांग भी बदली, जनता में रोष।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में घूमचक्कर पर बस स्टैण्ड की मांग जो विधायक गिरधारीलाल महिया द्वारा विधानसभा में उठाई गई एवं जिसके आधार पर सरकार ने घूमचक्कर पर बस स्टैण्ड की घोषणा की गई उसमें तो सम्पूर्ण बसों का ठहराव व्यवस्थित एवं सुनिश्चित, सुनियोजित करने के लिए बस स्टैण्ड बनाने की मांग की गई थी। लेकिन कागजों में इस मांग को बदल दिया गया है एवं संयुक्त बस स्टैण्ड के बजाए यहां केवल रोड़वेज बस स्टैण्ड के कागज ही चलाए गए है। वहीं विधायक गिरधारीलाल महिया ने तो इस संबध में संयुक्त रूप से सभी बसों के ठहराव के लिए दस बीघा भूमि का आंवटन करने का प्रस्ताव भी भेजा है। अनेक मौजिज नागरिक व संगठनों को इसकी जानकारी होने पर जनता में रोष भी खड़ा हो रहा है।
रोड़वेज से कहीं अधिक यात्री भार प्राईवेट में, जनता को नहीं मिल पाएगी राहत।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ घूमचक्कर पर बस स्टैण्ड़ के लिए राज्य सरकार से घोषणा करवाने के बाद भी यहां स्थित वन विभाग क्षेत्र में से भूमि आंवटन करवाना बड़ी कवायद होगी लेकिन इतनी बड़ी कवायद करने के बाद भी जनता को राहत नहीं मिल पाएगी। क्योंकि कड़वा सच यही है कि रोड़वेज से कहीं अधिक यात्री भार निजी बसों के पास है। गति में तेजी, किराए में कमी, आपसी सम्पर्क, विभिन्न छूटें आदि के कारण निजी बसों और रोड़वेज की तुलना करें तो एक के मुकाबले करीब दस यात्रीभार सामने आएगा। यूं तो रोड़वेज का बस स्टैण्ड श्रीडूंगरगढ़ में सरदारशहर रोड पर झंवर बस स्टैण्ड के पास बना हुआ भी है वहीं एक और रोड़वेज बस स्टैण्ड ही बन गया तो भी क्या उपयोग हो सकेगा.? क्षेत्र के यात्रियों एवं कस्बेवासियों को तो राहत तभी मिल पाएगी जब यहां संयुक्त बस स्टैण्ड का निर्माण हो, जिसमें रोड़वेज, निजी और सुपरफास्ट आदि सभी बसों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए।
संभागीय आयुक्त ने रोका ठहराव, निजी बस संचालक व यात्री परेशान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। संभागीय आयुक्त नीरज के पवन ने निजी घुमचक्कर पर बसों के ठहराव को पूरी तरह से बंद करने के आदेश स्थानीय प्रशासन को दिए। इससे निजी बस संचालक व यात्री बुरी तरह से प्रभावित है और व्यापार मंडल ने इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासन को ज्ञापन दिए। रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण से निजी बसों के ठहराव की समस्या जस के तस रहेगी और जनता को राहत नहीं मिल सकेगी।



