






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 मई 2021। काेराेना काल में गांवाें में काेराेना का प्रसार राेकने के लिए प्रशासन द्वारा हर पंचायत स्तर पर काेर कमेटी का गठन किया गया है और यह कमेटी अपने अपने स्तर पर पूरजोर प्रयास भी करके कोरोना से जंग में सक्रिय है। लेकिन अधिक सख्ती के चलते क्षेत्र के गांव उदरासर में काेर कमेटी अध्यक्ष पीईईओ एवं ग्रामीण आमने सामने हाे गए है। ग्रामीण जहां सरपंच की अगुवाई में पीईईओ पर तानाशाही पूर्वक कार्य करने एवं गांव में भय का माहाैल बनाने का आराेप लगाते हुए ग्रामीणाें काे प्रताड़ित करने का आराेप लगा रहे है वहीं पीईईओ द्वारा एसडीएम के दाैरे के दाैरान एक दुकान सीज करने एवं एक मृत्युभाेज स्थगित करवाने के कारण झुठा माहाैल बना कर दबाव बनाने का आराेप लगाया है। अब हालत यह है कि सरपंच किशनाराम गाेदारा की अगुवाई में ग्रामीणाें ने दाे दिनाें में उच्चाधिकारियाें द्वारा हस्तक्षेप नहीं करने पर पीईईओ काे गांव में प्रवेश नहीं करने देने की चेतावनी दी है वहीं पीईईओ राजकुमार सोनी द्वारा गाईडलाईन ताेड़ने वालाें पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में पिछड़े वर्ग की चार महिलाएं रविवार सुबह गांव में आटा चक्की के आगे अपने गेंहू लेकर पहुंची थी एवं घरों में आटा नहीं हाेने की बात कहते हुए गेंहू पीसने का आग्रह करने लगी। लेकिन आटा चक्की द्वारा पीईईओ द्वारा सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी के कारण उसने आटा पीसने से मना कर दिया। इस दाैरान धीरे धीरे गांव की चाैपाल पर वरिष्ठ ग्रामीण एकत्र हाे गए एवं सरपंच भी मौके पर पहुंचें। सरपंच ने पीईईओ से बात कर उन घराें में खाने के लिए ही आटा नहीं हाेने की बात कहते हुए पीसने देने काे कहा। लेकिन पीईईओ ने विकेंड लॉक डाउन का हवाला देते हुए चक्की खाेलते ही कार्रवाई करवाने की बात कही। इस पर सरपंच ने विकास अधिकारी मनाेज धायल से भी बात की एवं मनाेज धायल ने भी परिस्थिति के अनुकूल निर्णय लेने की समझाईश पीईईओ से कही। लेकिन पीईईओ नहीं माने व यहां पर बात बिगड़ गई व ग्रामीणाें ने गांव के राउमावि के समक्ष पीईईओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। सरपंच किशनाराम ने बताया कि घुमन्तु परिवार की महिलाओं ने गांव में घर घर घूम कर गेंहू मांग कर एकत्र किए है एवं उनके घराें में एक समय की राेटी बनाने का आटा भी नहीं है। शुक्रवार काे गांव में लाईट नहीं थी ताे ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क के साथ आटा पिसवाया जाए ताे क्या गलत है। सरपंच ने बताया कि इसी प्रकार शनिवार काे गांव जालबसर से बीमार व्यक्ति काे श्रीडूंगरगढ़ लेकर जा रहें एक वाहन गांव उदरासर पहुंचने पर पंचर हाे गया था लेकिन पीईईओ द्वारा गांव में पंचर तक नहीं बनाने दिया गया व बीमार व्यक्ति काे कड़ी धूप में करीब एक घंटे इंतजार कर अपने गांव से दूसरा वाहन बुला कर श्रीडूंगरगढ़ जाना पड़ा। सरंपच सहित ग्रामीणाें ने पीईईओ पर तानाशाही करने के गंभीर आरोप लगाए है एवं इस संबध में एसडीएम, कलेक्टर तक आवाज पहुंचाने की बात कही है। ग्रामीणाें ने दाे दिनाें में अधिकारियाें द्वारा हस्तक्षेप कर पीईईओ से समझाईश नहीं करने पर पीईईओ काे गांव में प्रवेश नहीं करने देने की चेतावनी भी दी है। वर्तमान हालाताें में जब चारों तरफ काेराेना इतना बढ़ रहा है ताे जनता एवं प्रशासनिक मशीनरी के बीच ऐसे विवाद हालाताें काे अधिक गंभीर बना सकते है। ऐसे में आवश्यकता है कि क्षेत्र के अधिकारियाें, जनप्रतिनिधियाें काे हस्तक्षेप कर समझाईश की जाए एवं सरकारी मशीनरी द्वारा भी केवल लकीर का फकीर बनने के बजाए परिस्थिति के अनुकूल निर्णय लिया जाना चाहिए। ताकि गांवाें में विवाद ना हाे एवं सभी एकजुट हाेकर काेराेना का सामना कर सकें।





