May 20, 2026
00000000000000

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 अप्रैल 2026। लिखमादेसर के हंसोजी धाम में पूनमचंद रामनिवास तिवाड़ी परिवार द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा में मंगलवार को छठें दिन अयोध्या कांड का विस्तार से वर्णन किया गया। गौसेवार्थ आयोजित कथा में कथा वाचक दंडी स्वामी शिवेंद्रजी महाराज ने संत व सत्संग का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा के बिना संत व सत्संग का आश्रय नहीं मिलता है। महाराज ने भगवान की कथा भाव से श्रवण करने की बात कहते हुए आदर्श गृहस्थ जीवन के बारे में बताया। जानकी विवाह का वर्णन करते हुए जानकी विदाई का भावभरा वर्णन किया। महाराजन ने नव विवाहिताओं को ससुराल में सेवा का संदेश दिया। श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा के साथ उन्होंने कहा कि जीवन में किसी उपलब्धि पर अहंकार नहीं करना चाहिए। महाराज ने युवावस्था में वाणी की सावधानी जरूरी बताई। मंथरा कैकयी प्रसंग का उल्लेख करते हुए अच्छी संगति का महत्व बताया। कैकयी द्वारा दशरथजी से दो वरदान मांगने का उल्लेख किया। भरत को सिहांसन और राम को 14 वर्ष का वनवास मांगने की कथा वर्णन होने पर पांडाल में उपस्थित राम भक्तों के नेत्र सजल हो गए। कथा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कथा में परमहंस संत सोमनाथ जी महाराज, महंत भंवरनाथ जी महाराज, संत सुरजीतनाथजी महाराज, श्रीनाथजी महाराज सहित अनेक संत कथा में शामिल हुए। अनेक अतिथियों ने पूनमचंद तिवाड़ी का सम्मान किया। संगीतमय भजनों पर श्रद्धालुओं ने रामनाम का कीर्तन करते हुए भक्तिरस का आनंद लिया। दानदाताओं ने उत्साह के साथ गौसेवा में बढ़चढ़ कर सहयोग दिया। रतनगढ़ विधायक पुसाराम गोदारा, पूर्व विधायक राजगढ़ कमला कस्वां, मंजुला जाखड़, विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष जगदीश स्वामी, बीकानेर प्रेस क्लब के महासचिव विशाल स्वामी, शिवकांत पारीक, शोभाकांत स्वामी, तरुण तिवाड़ी, गजेंद्र तिवाड़ी, अक्षय तिवाड़ी, सुरेश तिवाड़ी, प्रदीप पारीक, नाहर सिंह राजपूत, देवीलाल तिवाड़ी, पवन पारीक आसपालसर, ऋतिक तिवाड़ी, राजेश पारीक, दुर्गाराम पारीक, शंकर सिंधी, दिनेश गौड़, चंपालाल सोनी, कल्याण सिंह मेलुसर सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहें। श्रीकृष्ण गोपाल गौशाला ट्रस्ट में दानदाताओं ने बढ़चढ़ कर सहयोग दिया। दानदाता रामप्रसाद शिवदानाराम गजानंद पांडिया अड़सीसर, देवकरण गोविंद प्रसाद जोशी राणासर बिकान, ओमप्रकाश भंवरलाल जोशी राणासर बिकान, महावीर प्रसाद पुरोहित गोगासर, भंवरलाल मालूराम पांडिया, कन्हैयालाल विद्याधर पांडिया, गणेश नाथ मोहन नाथ गोदारा, कुंदनमल रामेश्वरलाल पारीक, मदनलाल कमलेश जोशी, नवरत्न छाजेड़ दिल्ली, भंवरनाथ ज्यानी महन्त लिखमादेसर, मालूराम मांगीलाल तिवाड़ी, कालूराम मालूराम तिवाड़ी, रुधाराम मदनलाल तिवाड़ी, जसुराम बजरंगलाल जोशी, सुजाराम मांगीलाल तिवाड़ी, हनुमानाराम जगदीश प्रसाद तिवाड़ी, जयचन्द राम बजरंगलाल तिवाड़ी ने करीब 15 लाख रूपए का सहयोग दिया। कथा के दौरान आने वाले सभी श्रद्धालुओं के यातायात व्यवस्था व भोजन की व्यवस्थाएं भी की गई है।