May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 नवंबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ के युवाओं व युवतियों को उच्च शिक्षा मिल सके, इसके लिए एक मिशन की तरह लगातार प्रयास करने वाले डॉ राधाकृष्ण सोनी ने मंगलवार रात 2 बजे पीबीएम अस्पताल में अंतिम सांस ली। श्रीडूंगरगढ़ महाविद्यालय के संस्थापक सदस्य रहें डॉ राधाकिशन सोनी ने जीवन में विभिन्न आयामों में अपनी बहुमुखी प्रतिभा से समाजहित में निष्ठापूर्ण योगदान दिया। उन्होंने शिक्षाविद्, विचारक, साहित्यकार व पत्रकार की भूमिकाओं को बखूबी निभाया। डॉ सोनी विलक्षण प्रतिभा के धनी थे और समाज में ईमानदारी से कर्म करने के भाव के पोषक रहें। उन्होंने शोध स्वरूप व प्रविधि, शिक्षा संबंधी एक दर्जन से अधिक पुस्तकों का लेखन किया। राजस्थान के लोकदेवता पुस्तक खासी चर्चित रही। वे शिक्षा विभाग में अनेक कार्यशालाओं के संचालक रहें। विषय की गहन समझ व विषय विश्लेषण की योग्यता से उन्हें 2013 में राज्यपाल के हाथों राज्य के श्रेष्ठ शिक्षक से सम्मानित हुए गौरव प्राप्त हुआ। निर्वाचन, जनगणना, साक्षरता, प्लस पोलियो जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों में प्रशिक्षण प्रबोधन सेवाओं में संलग्न रहें। निर्वाचन में स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर रहें। चुनाव संबंधी नियमों व प्रावधान उन्हें जुबानी थे, इसी कारण जिला कलेक्टर कार्यालय ही नहीं राज्य स्तर तक चुनाव संबंधी जानकारी उनसे ली जाती थी। विद्यार्थी वर्ग को उन्होंने सदैव पुस्तकें पढ़ने की हिदायत देने के साथ जीवन को साफ सुथरे ढंग से जीने की प्रेरणा दी। वे सदैव एक नवाचारी शिक्षक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में रहें थे। वे सदैव कहा करते थे जीवन ऐसा हो कि मंगलमय कर्म हो और मानवता ही धर्म हो। वे सदैव सामाजिक सरोकारों में रचे बसे रहें। उनका जन्म 1967 में सरदारशहर में हुआ परंतु जीवनपर्यंत कर्मभूमि सदैव श्रीडूंगरगढ़ की धरा ही रही। वे गत कुछ समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहें थे। वे अपने पीछे पत्नी व एक पुत्र को छोड़ गए है। बुधवार को उन्होंने संसार को अलविदा कह दिया तो नागरिक विकास परिषद के संरक्षक ओमप्रकाश स्वामी, साहित्यकार श्याम महर्षि, डॉ मदन सैनी, शिक्षाविद् डॉ मनीष सैनी, बालाराम मेघवाल, श्रीगोपाल गौशाला के मंत्री जगदीश स्वामी, वरिष्ठ पत्रकार विशाल स्वामी, संजय पारीक, विजय महर्षि, मांगीलाल राठी सहित अनेकों मौजिज लोगों ने शोक संवेदनाएं जताई है।