May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 नवंबर 2021। कहीं नया ट्यूबवेल स्वीकृत होने से उसके बनने और उसका शुभांरभ करने तक श्रेय लेने वाले नेताओं में होड़ सी रहती है और अब ये सभी नेता आम-जनता की समस्या से रूबरू हो कर काम की राजनीति करें तो क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके। सभी पार्टियों के शीर्ष क्षेत्रीय नेता जलदाय विभाग व नागरिकों में होने वाली टकराहट को दूर करने पर विचार करें व प्रयास भी करें। इन सर्दियों के दिनों में भी क्षेत्र में श्रीडूंगरगढ़ सिटी के वार्डों से, दुसारणा पीपासरिया, कोटासर, जालबसर सहित अनेक गांवो में पेयजल संकट से नागरिक जूझ रहें है। जलदाय विभाग के हालात पस्त है और नागरिक बेहाल है। कस्बे के वार्डों से लेकर गांवो तक लगातार प्यासी जनता व बेसहारा पशु या घरेलू पशुओं के लिए टेंकर खरीदने को मजबूर नागरिक विभाग में बार बार शिकायत करते है। ऐसे में विभाग के पास कर्मचारी नहीं होना या क्षेत्र व कार्यभार को देखते हुए कर्मचारी पद ही पूरे स्वीकृत नहीं होना कोढ में खाज का काम कर रहा है। श्रीडूंगरगढ़ का भरा पूरा क्षेत्र केवल एक एईएन और एक जेईएन के भरोसे चल रहा है। ये सभी शिकायतों का निस्तारण नहीं कर पाते और परेशान ग्रामीणों व नागरिकों के रोष का सामना भी करना पड़ता है।
पूरे क्षेत्र में एक एईएन, चार सेक्शन में एक ही जेईएन
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में एक एईएन पद स्वीकृत है जबकि इसके समकक्ष बिजली विभाग में एएक्सईएन श्रीडूंगरगढ़ में बैठते है और उनकी टीम में कई एईएन व जेईएन कार्यरत है वहीं जलदाय विभाग एक एईएन के भरोसे चल रहा है। क्षेत्र को कम से कम एक एईएन ओर मिले ये मांग लंबे समय से जागरूक नागरिक कर रहें है। हालांकि विभागीय स्तर पर एक ओर एईएन के पद की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है। जान लेवें पूरे श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में चार जेईएन सेक्शन बने हुए है। ये जेईएन सेक्शन रिड़ी, जेईएन सेक्शन धीरदेसर पुरोहितान, श्रीडूंगरगढ़ सिटी व श्रीडूंगरगढ़ ग्रामीण में बंटे हुए है। इनमें से एक श्रीडूंगरगढ़ ग्रामीण का जेईएन पद भरा हुआ है और शेष तीनों पद रिक्त है। ऐसे में चारों पदों का कार्यभार इस एक पद पर ही है और इससे कार्य बुरी तरह से प्रभावित होते है।

अब नेताओं व अधिकारियों के हो सुधारात्मक प्रयास।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। यहां रिक्त पद पर नियुक्तियां करवाने व एक ओर एईएन का पद स्वीकृत करवाने का कार्य क्षेत्रीय नेताओं के प्रयासों से तथा अधिकारियों के सकारात्मक प्रयास से संभव हो सकता है। जागरूक जनता जब पानी की समस्या से निजात की मांग इन नेताओं से व अधिकारियों से करें। तब ये शासन व प्रशासन आगे मांग कर विभाग की दुर्दशा में सुधार करवा सकेंगे।
“जालबसर व दुसारणा पीपासरिया में समस्या समाधान कर दिया गया था परन्तु यहां पुनः समस्या खड़ी हो गई जिसके निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है।” जेईएन प्रीतम सिंह, श्रीडूंगरगढ़ ग्रामीण