May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 दिसम्बर 2024। पर्याप्त नींद और आराम करने के बाद भी हमेशा थकान क्यों महसूस होती है? इसके बारे में जानने के लिए हमें थोड़ा रिसर्च करना होगा। हो सकता है कि नींद की अनियमितता के चलते यह समस्या हो रही है या फिर स्वास्थ्य में व्यवधान या फिर किसी दवा के सेवन के चलते नींद खराब हो सकती है। अब थकान के कारणों को चिह्नित और समाधान करने के लिए कुछ उपाय करने की जरूरत होगी। ऐसी दशा में सही चिकित्सक से काफी उम्मीदें होती हैं।क्या आप ले रहे हैं पर्याप्त नींद : सबसे पहले नींद की अपनी आदतों के बारे में जानना होगा। क्या आपके सोने के सामान्य समय में कोई बदलाव आ गया है? या फिर आपको किसी तरह का तनाव हो रहा है?

अगर नहीं, तो फिर नींद की आदतों में सुधार करने की जरूरत है। यह सुनिश्चित करना होगा कि कम से कम सात घंटे (कुछ लोगों को अधिक जरूरत होती है) की अच्छी नींद लें। साथ ही प्रतिदिन बिस्तर पर जाने और सोकर उठने का एक समय भी निश्चित करना होगा। विशेषज्ञ कहते हैं कि एक छोटे बच्चे की तरह आपकी नींद तभी बेहतर होगी, जब आपके सोने-जागने का एक समय निश्चित करेंगे।रात्रि के भोजन का समय भी अच्छी नींद के लिए काफी मायने रखता है। बिस्तर पर जाने से दो से तीन घंटे पहले भोजन करने का लक्ष्य रखना चाहिए। अगर नींद में समस्या लगातार बनी हुई है, तो फिर अच्छे चिकित्सक से मिलना चाहिए। स्लीप स्पेशलिस्ट आपकी नींद की आदतों में सुधार कर सकता है। साथ ही आपको लक्षणों, मेडिकल रिकार्ड और फैमिली हिस्ट्री या किसी अन्य कारण की पहचान भी कर सकता है।

अनिद्रा के पीछे हो सकते हैं अनेक कारण :

अनिद्रा की समस्या लगातार बढ़ रही है। अगर दिन में भी नींद के झोंके आ रहे हैं, तो डाक्टर कई बीमारियों की पहचान कर सकते हैं, जैसे :

इन्सोमिया : दुनियाभर में लगभग 30 प्रतिशत वयस्क नींद की अनियमितता के शिकार हैं। इससे उन्हें थकान और एकाग्रता की कमी का सामना करना पड़ता है। इन्सोमिया का कारण तनाव या जेट लैग भी हो सकता है। लेकिन, ये लक्षण हर सप्ताह तीन बार हो और यह तीन महीने तक परेशानी बनी रहे तो क्रोनिक इन्सोमिया हो सकता है।

इलाज : लक्षणों के आधार पर उपचार होता है, दवाओं की अपेक्षा काग्निटिव बिहैविरल थेरेपी अधिक कारगर हो सकती है।

  • स्लीप एप्निया : नींद के दौरान गले की मांसपेशियों में सिकुड़न आने से एअरफ्लो बाधित होता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। इससे रात में कई बार नींद टूटती है।

इलाज : वियरेबल डिवाइसेज के माध्यम से घर पर इलाज हो सकता है या डाक्टर कुछ अन्य उपचार भी सुझा सकते हैं।

  • लेग सिंड्रोम : पैरों में असहजता महूसस होती है। रात में सोते समय यह परेशानी बढ़ जाती है, जिससे कई बार नींद बाधित होती है।

उपचार : पैरों के मसाज, अल्कोहाल और कैफीन से परहेज करके इस समस्या बचाव संभव है। कई बार आयरन अल्पता के उपचार से भी आराम मिल जाता है।

थकान के पीछे हो सकते हैं कई अन्य कारण भी

  • हार्मोन असंतुलन : हाइपोथायराडिज्म जैसी समस्या के चलते लगातार थकान बने रहने की समस्या देखी जाती है। हालांकि, इसकी आसानी जांच और उपचार संभव है।
  • विटामिन या मिनरल्स की अल्पता : शाकाहारी या वीगन डाइट पर अत्यधिक निर्भरता या माहवारी से जुड़ी समस्याओं के चलते आयरन की कमी हो जाती है। साथ ही विटामिन-डी और बी12 की कमी से भी थकान होती है। इसका समाधान सप्लीमेंट के माध्यम से हो सकता है।
  • पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं : डायबिटीज, डिप्रेशन और पेट से जुड़ी समस्याएं लगातार थकान महसूस होने के पीछे कारण होती हैं। इन स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षणों को नियंत्रित और इलाज करना संभव है। इसके अलावा एंटीडिप्रेशेंट जैसे कुछ दवाओं के सेवन से भी थकान हो सकती है। थकान की समस्या के निदान का सबसे पुख्ता उपाय चिकित्सक की सलाह ही है।