






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 सितम्बर 2021। संभाग के सबसे बडे चिकित्सालय पीबीएम में सोमवार शाम उस समय हंगामा मच गया जब श्रीडूंगरगढ़ निवासी प्रदीप ब्रहा्मण फर्जी चिकित्सक बन गया एवं एम द्वितीय वार्ड में भर्ती शिशुओं की स्वास्थ्य जांच करने लगा। वहां मौजूद स्टाफ व भर्ती बच्चों के परिजनों ने पूछा तो उसने स्वयं को चिकित्सक बताया। जब वहां ड्यूटी स्टाफ व परिजनों ने उसे डिटेल पूछी तो वह हड़बड़ा गया और भागने लगा। इसी दौरान वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया एवं पीबीएम पुलिस चौकी ले गए। पीबीएम पुलिस चौकी में उसकी तलाशी लेने पर उसकी जेब से दम्माणी अस्पताल में उसका खुद का मानसीक रोग का उपचार चलने की पर्चियां मिली। बताया जा रहा है कि यह मानसीक रोगी प्रदीप पिछले कई दिनों से खुजली रोग से खासा परेशान भी था और इसी कारण वह पीबीएम दिखाने के लिए गया था। लेकिन पीबीएम जाने के दौरान वह डाक्टर बन कर शिशु वार्ड में पहुंच गया था। मामले का पटाक्षेप होने के बाद पीबीएम प्रशासन ने राहत की सांस ली है लेकिन इस वाकये ने पीबीएम की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठा दिए है। पीबीएम चौकी इंचार्ज साहबराम ने बताया कि युवक के पास कोई आईडी नहीं मिली है एवं पर्चीयों के आधार पर उसका नाम प्रदीप सामने आया है। लेकिन वह स्वंय अपने नाम अलग अलग बता रहा था और उसने पुलिस को भी अपना ध्यान रखने की सलाह दे दी। मानसीक रोगी होने की पुष्टी होने पर पुलिस ने उसे छोड दिया है।



