






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 मई 2026। एक ओर समाज में जहां दहेज मुक्त विवाह एक अभियान का रूप ले रहा है वहीं दूसरी और आज भी कई घर दहेज की मांग के कारण उजड़ रहें है। एक विवाहिता का घर दहेज दानव के कारण मात्र 8 माह में ही उजड़ गया।
श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी कश्यपसिंह राघव ने बताया कि बिग्गाबास निवासी संगीता पुत्री शिवरतन रेगर ने रतनगढ़ में रेगरों का मोहल्ला निवासी अपने पति जितेश उर्फ सोनू, ससुर ओमप्रकाश रेगर, सास संतोष, अभिषेक देवर, टेकचंद और निर्मल जेठ, सुमन और कृष्णा जेठानी के खिलाफ आरोप लगाए है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 19 मार्च 2025 को हुआ विवाह और विवाह में पिता ने सोने चांदी के अनेक गहनों सहित डेढ लाख नगदी, पचास हजार की एफडी, दहेज का सभी घरेलू सामान, करीब 300 बेस, कंबलें व साड़ियां दी। आरोपियों ने ससुराल जाते ही दो लाख रूपए की एफडी पति के नाम करवाने, बाटके में 5 लाख रूपए करने व गहने कम देने के ताने दिए। आरोपी उसे शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देने लगे। 19 अक्टूबर 2025 की सुबह 9.30 बजे सी आरोपियों ने थाप मुक्कों से मारपीट कर उसे घर निकाल दिया। पीड़िता के परिजन उसी दिन शाम को उसकी ससुराल गए व समझाईश का प्रयास किया। 21 अक्टूबर 2025 को सुबह 10 बजे परिवादिया के पीहर के घर में पंचायती हुई। आरोपी एक क्रेटा गाड़ी व पांच लाख नगदी की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एसआई मोहनलाल को दी है।



