






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 दिसबंर 2023। “बेगराज सोमाणी राजकीय नैत्र चिकित्सालय” ब्लॉक स्तर पर बना पूरे राजस्थान में एकमात्र आंखों का अस्पताल है जो नागरिकों के सौभाग्य से हमारे शहर श्रीडूंगरगढ़ के आड़सर बास में स्थित है। अस्सी के दशक में प्रदेश भर में रतनगढ़ व श्रीडूंगरगढ़ दो ही स्थानों पर दानदाताओं ने आंखो के अस्पताल के लिए भवन व डॉक्टर के रहने का आवास बनवा कर सरकारों को सौंपा। जिनमें का नैत्र चिकित्सालय कई वर्षों पहले बंद हो चुका है। आस-पास के पूरे इलाके में लाखों लोगों की आंखो के रोगों से छुटकारा पानी की उम्मीद एक इसी अस्पताल पर टिकी है। इस अस्पताल का निर्माण श्रीडूंगरगढ़ के दिवंगत भामाशाह बेगराज सोमाणी ने 3 मार्च 1979 में करवाया था और अपने पिता की इस जनकल्याणकारी विरासत को आज भी उनके बेटे राधाकिशन सोमाणी द्वारा बखूबी संभाला जा रहा है। सोमाणी द्वारा लगातार अस्पताल का मेंटिनेंस किया जा रहा है। अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर बनवाना हो या एसी लगवाना हो स्वयं सोमाणी रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी उठा रहें है। संभवत: एक ही परिवार द्वारा लगातार 44 वर्षों से संभाला जा रहा ये पहला ही उपक्रम है। अस्पताल में बरसात के दिनों में पानी भरने की भारी समस्या को देखते हुए बीते मानसून सीजन के पश्चात अस्पताल के चारों ओर सफाई करवाई गई। पूरे बाहरी क्षेत्र में ब्लॉक लगवा दिए गए है जिससे जलभराव की समस्या से निजात मिल पाएगी। अस्पताल परिसर में पीछे की ओर कार व गाड़ी खड़ी करने के लिए गैरेज का निर्माण भी करवाया गया है। आगे की ओर अस्पताल में पूछताछ कक्ष के लिए कांच का केबिन भी सोमाणी ने ही बनवाया है जिससे आने वाले मरीजों को बिना परेशानी के संबंधित जानकारी मिल पाती है।
डॉ. साहब के हाथां में जस है, ओपीडी में लगातार बढ़ रही है संख्या।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 9 साल से इस अस्पताल में प्रभारी के रूप में सेवारत डॉ सुनील गोयल द्वारा प्रतिवर्ष आंखों के करीब 600 ऑपरेशन किए जा रहें है। अनेक सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी दानदाताओं के सहयोग से नैत्र चिकित्सा शिविरों के आयोजन कर ऑपरेशन करवाए जाते रहें है जिसमें हजारों मरीजों ने लाभ उठाया है। प्रतिदिन अस्पताल में ओपीडी मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। फिलहाल 150 से अधिक मरीज रोजाना अस्पताल में अपनी आंखो की जांच करवाने पहुंच रहें है। दूर दराज के गांवो से भी अनेक मरीज नैत्र जांच के लिए इस अस्पताल में पहुंचने लगे है। भादासर से आई एक महिला मरीज ने टाइम्स को बताया कि डॉक्टर साहब के हाथां में जस है, उसके कहने का अर्थ था कि डॉक्टर साहब का ईलाज बेहतर है और दूर दूर से मरीज यहां पहुंचते है। डॉ गोयल भी बढ़ती ओपीडी से संतुष्ट है कि अधिक से अधिक मरीजों की सेवा हो रही है।
पीबीएम से पहले मशीन पहंची यहां, भामाशाह का जताया आभार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जब जिला अस्पताल में आंखो के ऑपरेशन के दौरान जरूरी आधुनिक मशीन माइक्रोस्पॉक नहीं थी तब भामाशाह राधाकिशन सोनी ने 2015 में इस अस्पताल में मशीन दान दी। इस मशीन का उपयोग हजारों मरीजों की आंखो के ऑपरेशन के दौरान किया गया है। अस्पताल के कार्मिकों ने सोमाणी का आभार जताते हुए बताया कि अस्पताल भवन बनवा कर सोमाणी परिवार ने इसे छोड़ा नहीं और लगातार इसके मेंटिनेंस की पूरी जिम्मेदारी भी उठा रखी है। कुछ ही समय में इस परिवार द्वारा भवन बनाने व मेंटिनेंस के भी स्वर्ण जयंती आ जाएगी। हाल ही में ब्लॉक लगवाने के बाद बाहरी रंग रोगन करवाया गया है। जनवरी माह में भीतरी रंग रोगन करवाए जाने की योजना भी है।
प्रशासन व राजनीति ने की उपेक्षा, नहीं होती सुनवाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बेगराज सोमाणी राजकीय नैत्र चिकित्सालय लगातार स्टाफ की कमी से जूझता रहा है। अब पूरे उपखंड सहित दूर-दूर से मरीज अस्पताल में आने लगे है तो स्टाफ की कमी खासी खलने लगी है। प्रशासनिक व राजनीतिक रूप से अस्पताल की उपेक्षा होती रही है और ये आरोप अनेक सामाजिक कार्यकर्ता भी लगाते रहें है। यहां सप्ताह में एक दिन गुरूवार को ओपीडी ली जाती है जबकी पूरा स्टाफ हो तो मरीजों को अनेक प्रकार से राहत मिल सकती है। डॉ गोयल ने बताया कि अनेक बार स्टाफ की मांग किए जाने पर भी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अपार संभावनाएं, नए विधायक से उम्मीद है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रशासनिक तौर पर इस अस्पताल में स्टाफ की कमी व प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए तो अस्पताल जिला अस्पताल की तरह क्षेत्र के हजारों नागरिकों को राहत दे सकता है। प्रबुद्ध नागरिकों का मत है कि जब भामाशाह द्वारा इतना सहयोग दिया जा रहा है तो प्रशासन पूरा स्टाफ देकर अपार संभावनाओं को साकार कर सकता है। इस अस्पताल में कार्यरत कार्मिकों सहित मरीजों ने नए बने विधायक से सुनवाई करने व स्टाफ की कमी को पूरा करवाने की उम्मीद जताई है। भाजपा सरकार व भाजपा के विधायक होने से नागरिकों को चिकित्सा क्षेत्र में पूरे क्षेत्र के ही नहीं पूरे राजस्थान के ब्लॉक स्तरीय एकमात्र नैत्र चिकित्सालय में सेवाएं बढ़ने की उम्मीदें भी बढ़ गई है।








