






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 मई 2022। स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में राजस्थान नई क्रांति की ओर बढ़ रहा है। अब मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान योजना के तहत फ्री मिलने वाली दवाएं, जांचें और सर्जिकल आइटम्स की संख्या 986 की जगह 5100 करने जा रही है। यानी इसका दायरा सीधे 5 गुना बढ़ाकर सौ फीसदी आबादी को कवर करने का लक्ष्य है। पहले से चल रही चिरंजीवी योजना का फोकस निजी अस्पतालों में निशुल्क इलाज पर रहेगा।
वहीं, गांव में 10 बेड और शहरों में 30 बेड और उससे बड़े सभी सरकारी अस्पतालों में नई योजना के तहत बिना चिरंजीवी कार्ड और बीमा के फ्री इलाज मिलेगा। नई योजना के तहत पर्ची पर लिखी कोई भी दवा मरीजों को अस्पताल के बाहर से नहीं लानी होगी। बाजार में उपलब्ध हर सामान्य दवा और जांचें इस योजना में कवर होंगी। यह कदम इसलिए बड़ा है क्योंकि 5000 से अधिक दवा और फ्री जांच किसी भी राज्य में नहीं है। ऐसा करने वाला राजस्थान पहला राज्य होगा।
आयुष्मान भारत योजना में भी सिर्फ 3 लाख रु. तक का इलाज मुफ्त है। आयुष्मान में इसकी आधी दवाइयां भी कवर नहीं होतीं। ‘मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान योजना’ 1 मई से पूरे राजस्थान में लागू होगी।
100% आबादी कवर करेंगे
• हमारा उद्देश्य है कि 100 प्रतिशत आबादी को फ्री दवा और जांच योजना में कवर करना। जिसके पास कोई कार्ड नहीं है, फिर भी कितना ही इलाज फ्री ले, इसके लिए नई निरोगी योजना लाए और दवा-जांचें बढ़ा दी। अब पर्ची से बाहर से कोई दवा नहीं मंगवा सकेंगे। बाजार से मंगवाई जाने वाली हर दवा इस योजना में कवर की जाएगी। – डाॅ. पृथ्वीराज, सचिव, चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग
चिरंजीवी योजना व मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान योजना में फर्क
चिरंजीवी योजना में इलाज चिरंजीवी कार्ड पर ही होगा। इसे मुख्यत: निजी अस्पतालों में इलाज पर अब फोकस किया जाएगा। इसमें 10 लाख रु. तक का स्वास्थ्य बीमा क्लेम के माध्यम इलाज होगा। वहीं मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान योजना एसएमएस अस्पताल जैसे प्रदेश के 8 मेडिकल कालेजों के सबसे अधिक भार खींचने वाले सरकारी अस्पतालों और जिला, सेटेलाइट आदि अस्पतालों के लिए है। इसमें चिरंजीवी जैसे कार्ड की जरूरत नहीं होगी। राजस्थान निवास की कोई पहचान बताकर भर्ती होकर फ्री इलाज ले सकेंगे।
पहले बजट 311 करोड़ रुपए ही था, बढ़कार अब 3100 करोड़ रु. किया
प्रदेश में 2011 से निशुल्क दवा योजना शुरू की गई थी। तब 96 दवाइयों के साथ 2015 तक इसका सालाना बजट 311 करोड़ रु. था। इसके बाद निशुल्क दवाइयों का दायरा 374, इसके बाद 591 और 712 तक किया गया। अभी फ्री दवाएं 986 हैं। अब नया सालाना फ्री हेल्थ स्कीम का बजट 3100 करोड़ रु. होगा। इस समय तक सलाना व्यय 1150 करोड़ रुपए हैं।
2011 में सबसे पहले राजस्थान ने 96 दवाओं से शुरू की थी योजना
बतादें कि सीएम अशोक गहलोत 2 अक्टूबर 2011 को देश में पहली बार राजस्थान मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना लेकर आए थे। अब वे इसी योजना का नाम और खाका बदलकर इसे पूरी तरह रीइन्वेंट करने जा रहे हैं। ‘मुख्यमंत्री निशुल्क निरोगी राजस्थान योजना’ के नाम से यह एक मई से पूरे प्रदेश में लागू होने जा रही है। अब इसमें फ्री दवाओं व जांच का दायरा बढ़ाकर 5100 किया जाएगा।
अभी इस योजना में 986 दवाइयां निशुल्क हैं, जो अब 1325 और बढ़ाई जाएंगी। टेंडर और प्रिक्योरमेंट में 2-3 माह का समय लगेगा। साथ ही करीब 1000 सर्जिकल आइटम और सूचर्स की संख्या के साथ नई योजना में 2700 से ज्यादा की जाएगी। यानी फ्री दवा और जांच, सर्जिकल आइटम्स की संख्या 5100 होगी।
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